Maihar Road Controversy: मैहर में PWD ने बनाई एक फीट ऊंची सड़क, घरों में घुसा पानी, हाईकोर्ट ने पूछा- कौन दे रहा मंजूरी

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हाइलाइट्स

  • मैहर में सड़क की ऊंचाई ने बढ़ाई लोगों की परेशानी।
  • बार-बार सड़क निर्माण से ऊंचाई 1 फीट तक बढ़ी।
  • हाईकोर्ट ने PWD, कलेक्टर, ठेकेदार से मांगा जवाब।

Madhya Pradesh High Court Maihar Road Construction Controversy: मध्यप्रदेश के मैहर शहर में एक सड़क को तीसरी बार बनाने का मामला अब हाईकोर्ट तक पहुंच गया है। सड़क की ऊंचाई बढ़ाए जाने से लोगों के घरों और दुकानों में पानी भर रहा है, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यहां सड़क की ऊंचाई एक फीट तक बढ़ाई गई। जबलपुर हाईकोर्ट ने मामले को गंभीरता से लेते हुए लोक निर्माण विभाग (PWD), मैहर कलेक्टर, नगर पालिका और ठेकेदार सहित अन्य से जवाब तलब किया है। साथ ही नोटिस जारी किया गया है।

ऊंची सड़क बनी लोगों की परेशानी का सबब

मैहर शहर की हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी से घंटाघर तक बनने वाली लगभग 4 किलोमीटर लंबी सड़क इन दिनों विवादों के घेरे में है। लोक निर्माण विभाग (PWD) ने इस रोड को एक फीट तक ऊंचा कर दिया है। इस ऊंचाई के कारण बारिश का पानी अब घरों और दुकानों में घुस रहा है। लोग लगातार जलभराव और आवागमन में परेशानी से जूझ रहे हैं।

हाईकोर्ट ने पूछा- ऐसे कामों को किसने दी मंजूरी?

इस गंभीर मुद्दे को लेकर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दाखिल की गई, जिस पर मंगलवार, 9 सितंबर को मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा और न्यायमूर्ति विनय सराफ की डिवीजन बेंच ने सुनवाई की। कोर्ट ने मामले को अत्यंत गंभीर मानते हुए PWD, मैहर कलेक्टर, नगर पालिका और ठेकेदार समेत सभी जिम्मेदार अधिकारियों से जवाब तलब किया है।

सुनवाई के दौरान अदालत ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा, “यह वास्तव में अचरज की बात है। आखिर इस तरह के कामों को मंजूरी कौन दे रहा है?”

बार-बार क्यों बन रही यही सड़क?

कोर्ट ने यह भी पूछा कि आखिर सड़क को बार-बार ऊंचा करने की जरूरत क्या है, और क्या इस क्षेत्र में भारी वाहनों की कोई असामान्य आवाजाही है? अदालत ने स्पष्ट किया कि इस तरह की कार्यशैली से नागरिकों का जीवन संकट में पड़ रहा है।

सड़क निर्माण में भारी अनियमितताएं

दरअसल, मैहर की हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी निवासी मनीष पटेल ने एडवोकेट जयंत कुमार पटेल के माध्यम से मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि सड़क निर्माण में भारी अनियमितताएं हो रही हैं और पुराने निर्माण को तोड़े बिना उस पर नया निर्माण किया जा रहा है।

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पहले भी बन चुकी है यह सड़क

याचिकाकर्ता का कहना है कि यह सड़क पहले दो बार बन चुकी है, फिर भी हर बार बारिश में हालात खराब हो जाते हैं। इस बार सड़क की ऊंचाई और ज्यादा कर दी गई है, जिससे हादसों का खतरा और बढ़ गया है।

हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी

याचिका पर सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की डिवीजन बेंच ने मौखिक रूप से टिप्पणी की

“आप हर जगह यही कर रहे हैं। अब घर पानी में डूब जाएंगे।”

कोर्ट ने सवाल किया कि आखिर ऐसी क्या जरूरत आ गई कि एक ही सड़क को बार-बार बनाया जा रहा है और वह भी इतनी ऊंचाई पर? बेंच ने कहा- इस एक फीट ऊंची सड़क को बनाने का क्या कारण है?

अगली सुनवाई 24 सितंबर को

कोर्ट ने पीडब्ल्यूडी, मैहर कलेक्टर, नगर पालिका और ठेकेदार संजय सिंह समेत अन्य संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। अगली सुनवाई 24 सितंबर को निर्धारित की गई है।

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