MP के कूनो में एक और चीते की मौत: ज्वाला की 20 महीने की शावक मृत मिली, प्रबंधन बोला- तेंदुए से झड़प में गई जान
हाइलाइट्स
- कूनो नेशनल पार्क से बुरी खबर, चीता शावक की मौत।
- चीता ज्वाला की 20 महीने की शावक का शव मिला।
- एक माह से अकेले सफर कर रही थी मादा शावक।
Madhya Pradesh Sheopur Kuno National Park Cheetah Jwala cub Death: मध्य प्रदेश के श्योपुर स्थित कूनो नेशनल पार्क में एक और चीता शावक की मौत से प्रोजेक्ट चीता को झटका लगा है। मादा चीता ज्वाला के 20 महीने के शावक मृत पाई गई। प्रारंभिक जांच में तेंदुए के हमले में होने की आशंका जताई गई है। कूनो प्रबंधन के अनुसार तेंदुए से झड़प में चीते की जान गई है। अब अधिकारी इस घटना की गहन जांच और मॉनिटरिंग बढ़ाने की बात कर रहे हैं। हालांकि, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो पाएगा। बता दें कि शनिवार को नामीबिया से लाई गई 8 साल की मादा चीता नभा की मौत हो गई थी।
ज्वाला की 20 महीने की शावक मृत मिली
मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क से दुखद खबर सामने आई है। सोमवार शाम करीब 6:30 बजे मादा चीता ‘ज्वाला’ का 20 महीने की 20 महीने की शावक का शव मिलने से कूनो प्रबंधन में हड़कंप मच गया। प्रारंभिक जांच में फील्ड डायरेक्टर ने मौत की वजह तेंदुए के साथ संभावित संघर्ष को बताया है। हालांकि, इसकी पुष्टि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही की जा सकेगी।
झड़प में गई शावक की जान
प्रबंधन के मुताबिक, यह शावक 21 फरवरी को अपनी मां ज्वाला और तीन अन्य भाई-बहनों के साथ जंगल में स्वतंत्र जीवन के लिए छोड़ा गया था। कुछ सप्ताह पहले वह अपनी मां से अलग हो गया और हाल ही में उसने अपने भाई-बहनों से भी दूरी बना ली थी। उसका शव सोमवार को जंगल की चीता मॉनिटरिंग टीम को मिला है। अधिकारियों का मानना है कि अकेले जीवन जीते हुए यह शावक शिकार के दौरान या क्षेत्रीय संघर्ष के चलते तेंदुए से आमना-सामना हुआ होगा। यह संघर्ष शावक की मौत का कारण हो सकता है।

कूनो में अब सिर्फ 25 चीते, निगरानी तेज
मादा चीता ‘ज्वाला’ के शावक की मौत से पहले, नामीबिया से लाई गई मादा चीता ‘नभा’ भी शिकार के दौरान अपनी जान गंवा चुकी है। इन घटनाओं ने प्रोजेक्ट चीता की सफलता को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
वर्तमान में कूनो नेशनल पार्क में चीतों की संख्या 25 हैं, जिनमें 9 वयस्क (6 मादा और 3 नर) और 16 भारतीय मूल के शावक शामिल हैं। पार्क के क्षेत्रीय निदेशक के अनुसार, बाकी सभी चीते पूरी तरह स्वस्थ हैं और उन्हें प्राकृतिक वातावरण में निरंतर निगरानी में रखा जा रहा है।
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पीएम रिपोर्ट से खुलेगा राज
फिलहाल, प्रबंधन को शावक की पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है। इसके आधार पर ही यह तय होगा कि शावक की मौत कैसे हुई और भविष्य में ऐसी घटनाओं से कैसे बचा जा सके।
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