रामनगर की विश्वप्रसिद्ध रामलीला : सेना संग सागर तट पहुंचे श्रीरामचंद्र, मिलने पहुंचे विभीषण, रामेश्वरम ज्योर्तिलिंग की हुई स्थापना


वाराणसी। विश्व प्रसिद्ध रामनगर रामलीला के 21वें दिन शुक्रवार को लीला स्थल पम्पासार से रामेश्वर तक विभिन्न प्रसंगों का मंचन किया गया। इस दौरान भगवान श्रीराम के नेतृत्व में श्री रघुवीर सेना का सिंधु तट प्रयाण, विभीषण मिलन, सेतु निर्माण और रामेश्वरम ज्योतिर्लिंग की स्थापना का अनुपम दृश्य देखने को मिला।

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लीला का यह भाग सुंदरकांड दोहा 33-6 से लेकर लंका कांड दोहा 3 तक का वर्णन प्रस्तुत करता है। मंचन के दौरान जब विभीषण भगवान श्रीराम की शरण में आए और उन्हें शरणागति दी, तब पूरा वातावरण जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा। इसके बाद सेतु निर्माण का भव्य दृश्य दिखाया गया, जिसमें नल-नील द्वारा समुद्र पर सेतु बनाने की ऐतिहासिक कथा का सजीव चित्रण किया गया। रामेश्वरम ज्योतिर्लिंग की स्थापना का भावपूर्ण प्रसंग जब मंचित हुआ तो दर्शक भावविभोर हो उठे।

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रामनगर की यह अनूठी रामलीला केवल मंचन नहीं, बल्कि जीवंत धार्मिक और सांस्कृतिक अनुभव है, जिसमें हर प्रसंग भक्तों को कथा के युग में ले जाता है।

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कल का प्रसंग
रामनगर रामलीला के 22वें दिन शनिवार को लंका कांड के महत्वपूर्ण प्रसंगों का मंचन होगा। इसमें लंका गमन, अंगद-रावण संवाद और युद्ध की तैयारियां दर्शकों के सामने प्रस्तुत की जाएंगी। भक्तों और दर्शकों में इन प्रसंगों को देखने को लेकर विशेष उत्सुकता बनी हुई है।








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