नवरात्र में BHU में सजा मां का दरबार, मधुबन पार्क में स्थापित हुई देवी की आकर्षक प्रतिमा, गूंज रही जय-जयकार

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वाराणसी। शारदीय नवरात्रि का पर्व भक्तों के लिए श्रद्धा और आस्था का प्रतीक है। नौ दिनों तक मां दुर्गा के विविध रूपों की उपासना की जाती है। मान्यता है कि मां दुर्गा सच्चे मन से प्रार्थना करने पर अपने भक्तों की पुकार अवश्य सुनती हैं। नवरात्रि के आठवें दिन मां महागौरी की पूजा का विशेष महत्व बताया गया है। शास्त्रों में उल्लेख है कि इस दिन मां महागौरी की आराधना करने से भक्तों को दोगुना लाभ प्राप्त होता है।

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इसी परंपरा के तहत सोमवार को बीएचयू स्थित मधुबन पार्क में विश्वविद्यालय प्रशासन और बांग्ला समाज के लोगों ने मां दुर्गा की प्रतिमा के समक्ष पुष्पांजलि अर्पित की। यहां स्थापित प्रतिमा की पूजा तीन दिनों तक विधि-विधान के साथ की जाती है, जिसमें भंडारे का भी आयोजन होता है। इस दौरान विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राएं, कर्मचारी, अधिकारी और सुरक्षाकर्मी बड़ी संख्या में शामिल हुए और मां के दर्शन किए।

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बांग्ला समाज के अनुसार, नवरात्रि में पुष्पांजलि की परंपरा अत्यंत विशेष मानी जाती है। बीएचयू के चंदन दास ने बताया कि अष्टमी के दिन फूलों की माला का महत्व और भी बढ़ जाता है। भक्तजन मां दुर्गा को पुष्प अर्पित करते हुए विशेष मंत्रों का जाप करते हैं और मां से अपनी गलतियों के लिए क्षमा मांगते हैं।

बंगाल में सप्तमी की रात और अष्टमी की सुबह पुष्पांजलि का आयोजन एक अनिवार्य परंपरा है। यहां भी उसी परंपरा को जीवंत किया गया। श्रद्धालुओं ने विश्वास व्यक्त किया कि अष्टमी पुष्पांजलि से मां महागौरी प्रसन्न होकर भक्तों पर अपनी कृपा बरसाती हैं। माना जाता है कि इससे परिवार पर मां दुर्गा की विशेष कृपा बनी रहती है। घर में सुख-समृद्धि और शांति का वास होता है।








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