हाइलाइट्स
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पूर्व एडीएम किशोरे ने भाई का फर्जी डेथ सर्टीफिकेट बनवाया
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भोपाल क्राइम ब्रांच में शिकायत पर नहीं हुई कार्रवाई
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जबलपुर हाईकोर्ट के आदेश पर किशोरे समेत 4 पर केस
MP Former ADM Fraud: पूर्व एडीएम और एक निजी यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर मूलचंद किशोरे ने एक चौंकाने वाला फर्जीवाड़ा कर दिया है। उन्होंने संपत्ति पर कब्जा करने जिंदा भाई को ही मृत घोषित करा लिया। इतना ही नहीं भोपाल नगर निगम से उनका फर्जी मृत्य प्रमाण पत्र भी बनवा लिया। इतना ही नहीं अपने रुतबे का इस्तेमाल करते हुए मामले को दबाने की पूरी कोशिश की, लेकिन जब पीड़ित भाई कोर्ट पहुंचा तो मामला दर्ज कर लिया गया।
जानकारी के अनुसार पूर्व एडीएम मूलचंद किशारे ने अपने बड़े भाई जोखीलाल को जीवित होते हुए भी दस्तावेजों में मृत घोषित करवा दिया। वजह थी संपत्ति पर कब्जा करने की नीयत।

मेडिकल कॉलेज की मदद से बनवा दिया डेथ सर्टीफिकेट
आरोप है कि पूर्व एडीएम किशोरे ने एक निजी मेडिकल कॉलेज की मदद से अपने बड़े भाई का फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाया। इसके बाद भोपाल नगर निगम से भी उस प्रमाण पत्र के आधार पर मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करा लिया गया। यह सिलसिला यहीं नहीं रुका।
पूर्व ADM ने पत्नी के नाम करा दी वसीयत
इन दस्तावेजों को उन्होंने जबलपुर हाईकोर्ट में चल रहे एक संपत्ति विवाद के केस में प्रस्तुत किया। कोर्ट में दिए गए शपथ पत्र में कहा गया कि बड़े भाई जोखीलाल का निधन हो चुका है। उन्होंने अपनी सारी संपत्ति की वसीयत रेखा किशोरे (मूलचंद की पत्नी) के नाम कर दी है।
भोपाल क्राइम ब्रांच ने नहीं की कार्रवाई
असलियत तब सामने आई जब जोखीलाल को खुद यह बात पता चली। उन्होंने सितंबर 2025 में भोपाल क्राइम ब्रांच में शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई न होने पर भोपाल कोर्ट का सहारा लिया। कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया।
पूर्व एडीएम समेत 4 पर केस
इसके बाद क्राइम ब्रांच ने पूर्व एडीएम किशोर, उनकी पत्नी रेखा किशोरे, कृष्णा नागवंशी, संध्या मेहरा और मेडिकल कॉलेज के सीनियर अधिकारी डॉ. अनिल शारदा के खिलाफ केस दर्ज किया है।
इन सभी पर कूट रचित दस्तावेज बनाने, उनका इस्तेमाल करने, धोखाधड़ी करने और आपराधिक षड्यंत्र रचने के आरोप लगाए गए हैं। शिकायतकर्ता जोखीलाल मेहरा इकबाल नगर, अशोका गार्डन में निवास करते हैं। उन्होंने कहा कि उनके छोटे भाई मूलचंद और भाभी रेखा ने उनकी जमीन पर अवैध कब्जा करने की योजना बनाई थी।


प्राइवेट यूनिवर्सिटी में चांसलर हैं किशोरे
मूलचंद किशोरे इस वक्त एक प्राइवेट यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर हैं। उन्होंने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर राजस्व विभाग और अन्य प्रशासनिक कार्यालयों में स्वामित्व परिवर्तन की प्रक्रिया भी शुरू कर दी थी।
जांच में यह भी पता चला कि फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने में मेडिकल कॉलेज के सीनियर अधिकारी शामिल थे। प्रमाण पत्र जारी करते समय पहचान के किसी दस्तावेज की जांच नहीं की गई।
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