Al-Falah University: लाल किला ब्लास्ट कनेक्शन,अल-फलाह यूनिवर्सिटी पर पुलिस का छापा

0


Al-Falah University: दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास 10 नवंबर को हुए धमाके की जांच में फरीदाबाद स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी का नाम सामने आया है। पुलिस ने यहां छापा मारकर कई शिक्षकों और छात्रों से पूछताछ की है। बताया जा रहा है कि ब्लास्ट का मास्टरमाइंड उमर मोहम्मद इसी यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर था। यह विश्वविद्यालय इंजीनियरिंग, पैरामेडिकल और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में कोर्स संचालित करता है और 2015 में यूजीसी (UGC) द्वारा मान्यता प्राप्त हुआ था।

लाल किला ब्लास्ट से जुड़ा अल-फलाह यूनिवर्सिटी का कनेक्शन

दिल्ली और हरियाणा पुलिस की जांच में यह खुलासा हुआ है कि दिल्ली लाल किला ब्लास्ट का मास्टरमाइंड उमर मोहम्मद फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर था। पुलिस ने यूनिवर्सिटी परिसर में छापेमारी की है और अब तक 50 से अधिक लोगों से पूछताछ की जा चुकी है। सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या विश्वविद्यालय परिसर का किसी तरह का इस्तेमाल हमले की साजिश में किया गया था।

 कब हुई थी अल-फलाह यूनिवर्सिटी स्थापना 

विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक, इसकी स्थापना हरियाणा विधानसभा द्वारा हरियाणा प्राइवेट यूनिवर्सिटीज एक्ट के तहत की गई थी। इसे वर्ष 2015 में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग से मान्यता मिली थी।

‘अल-फलाह’ का अर्थ क्या है?

अल-फलाह एक अरबी शब्द है, जिसका अर्थ सफलता, मुक्ति या मोक्ष होता है। इस्लामिक संदर्भ में इसका मतलब है, अल्लाह के बताए मार्ग पर चलकर मुक्ति पाने वाला व्यक्ति।

कौन से कोर्स पढ़ाए जाते हैं?

इस यूनिवर्सिटी में डिप्लोमा (Diploma), ग्रेजुएट, पोस्ट-ग्रेजुएट और डॉक्टरेट स्तर के कोर्स संचालित किए जाते हैं।

  • डिप्लोमा कोर्स (3 वर्ष) — ऑपरेशन थिएटर, डीएमएलटी, सिविल इंजीनियरिंग, मैकेनिकल इंजीनियरिंग
  • ग्रेजुएट कोर्स (4 वर्ष) — पैरामेडिकल, बी.टेक, बी.एड, बी.एससी, बी.कॉम, बी.सीए
  • पोस्ट ग्रेजुएट कोर्स (2 वर्ष) — एम.टेक, एम.एड 
  • डॉक्टरेट कोर्स (2.5 वर्ष) — शोध आधारित कार्यक्रम विभिन्न विषयों में

Al-Falah University: लाल किला ब्लास्ट कनेक्शन,अल-फलाह यूनिवर्सिटी पर पुलिस का छापा

सूत्रों के मुताबिक, कार्मिक विभाग ने डीपीसी पूरी होने के बाद यह सूची जारी की है। यह फेरबदल प्रशासनिक कार्यप्रणाली को सुचारु करने और नई जिम्मेदारियां तय करने के उद्देश्य से किया गया है। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें

Leave A Reply

Your email address will not be published.