छत्तीसगढ़ में धान खरीदी घोटाला: सूरजपुर में धान उपार्जन केंद्र से 80 लाख का धान गायब, 6470 बोरियों की हेराफेरी

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Surajpur Paddy Procurement Scam: छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले से एक और धान खरीदी केंद्र में हेराफेरी का मामला सामने आया है। यहां की  भैयाथान तहसील के सारारावां धान खरीदी केंद्र पर करीब 80 लाख रुपए का धान कम पाए जाने से प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है।

धान खरीदी के लिए अब कुछ ही हफ्ते और बाकी हैं। इधर, जिला प्रशासन की टीमें लगातार धान केंद्रों का निरीक्षण कर रही हैं। इसी दौरान भैयाथान तहसीलदार के नेतृत्व में संयुक्त टीम ने सारारावां धान खरीदी केंद्र की जांच की, तो धान की बोरियां स्टॉक के अनुसार कम पाई गईं।

जांच में 6,470 बोरी धान गायब

जांच में सामने आया कि चालू खरीदी वर्ष में केंद्र पर कुल 4,842 क्विंटल धान की खरीदी दर्ज है, जिसमें से 240 क्विंटल का उठाव हो चुका है। इस हिसाब से केंद्र में 40,602 क्विंटल धान मौजूद होना चाहिए था, लेकिन भौतिक सत्यापन में केवल 34,132 क्विंटल धान ही पाया गया यानी करीब 6,470 बोरी धान गायब है, जिसका कुल वजन लगभग 2,588 क्विंटल आंका गया है। गायब धान की अनुमानित बाजार कीमत करीब 80 लाख रुपए बताई जा रही है।

समिति प्रबंधक के खिलाफ जांच शुरू

निगरानी समिति द्वारा जवाब मांगे जाने पर समिति प्रबंधक कोई संतोषजनक जानकारी नहीं दे सका। इसके बाद पूरे मामले की औपचारिक शिकायत दर्ज कराते हुए धान खरीदी केंद्र के संचालक के खिलाफ जांच शुरू कर दी गई है।

 सूरजपुर जिले सारारावां धान खरीदी केंद्र, जहां गड़बड़ी मिली।

धान की खरीद-बिक्री में गड़बड़ी

प्रशासन को आशंका है कि किसानों के खातों में कागजों पर धान की बिक्री दर्ज कर दी गई, जबकि वास्तविक रूप से धान की खरीदी नहीं हुई। वहीं, सरकारी धान की खरीद-बिक्री में बड़े स्तर पर गड़बड़ी की भी संभावना जताई जा रही है। विभाग ने साफ किया है कि जांच पूरी होने के बाद दोषी पाए जाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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छिंदया धान केंद्र में भी ऐसी गड़बड़ी मिली थी

जानकारी के अनुसार, सूरजपुर जिले में इससे पहले भी धान खरीदी केंद्रों में करोड़ों रुपए के घोटालों के मामले सामने आ चुके हैं। हाल ही में रामानुजनगर तहसील के छिंदया धान केंद्र में भी करीब 3 हजार बोरी धान कम मिलने का मामला सामने आया था, हालांकि दोबारा गिनती में स्थिति सामान्य बताई गई। इससे प्रशासनिक जांच प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।

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