हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला, सड़क दुर्घटना में घायलों की मदद करने पर मिलेंगे 25 हजार रुपये
हरियाणा सरकार लगातार जनहित से जुड़े फैसले लेकर आम लोगों को राहत देने की दिशा में काम कर रही है। इसी कड़ी में सरकार ने एक ऐसा अहम कदम उठाया है, जिससे अब सड़क पर किसी अनजान व्यक्ति की मदद करना जोखिम नहीं, बल्कि सम्मान का कारण बनेगा। सड़क दुर्घटनाओं में घायल लोगों की जान बचाने के लिए आम नागरिकों, खासकर युवाओं और छात्रों को आगे आने के उद्देश्य से राह-वीर (नेक इंसान) योजना को प्रभावी रूप से लागू किया जा रहा है।
राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के तहत राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल, प्रेम नगर में राह-वीर योजना पर आधारित एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को यह समझाना था कि सड़क हादसे के बाद मदद के लिए आगे आना न केवल मानवीय कर्तव्य है, बल्कि इससे किसी की जान भी बचाई जा सकती है।
कार्यक्रम में छात्रों को बताया गया कि सड़क दुर्घटना के बाद का पहला एक घंटा, जिसे ‘गोल्डन आवर’ कहा जाता है, किसी व्यक्ति के जीवन और मृत्यु के बीच का निर्णायक समय होता है। यदि इस दौरान घायल को समय पर प्राथमिक उपचार या अस्पताल पहुंचा दिया जाए, तो उसकी जान बचने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। इसी समय मानवता की सबसे बड़ी परीक्षा होती है और राह-वीर की भूमिका सबसे अहम बन जाती है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला परिवहन अधिकारी (DTO) अंबाला सुशील कुमार ने की। उन्होंने कहा कि भारत सरकार द्वारा वर्ष 2025 में अधिसूचित राह-वीर योजना का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों को बिना किसी डर के सड़क दुर्घटनाओं में घायलों की सहायता के लिए प्रेरित करना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पहले लोगों को यह आशंका रहती थी कि घायल की मदद करने पर वे कानूनी झंझट या पुलिस कार्रवाई में फंस सकते हैं, लेकिन अब यह डर पूरी तरह दूर कर दिया गया है।
DTO सुशील कुमार ने जानकारी दी कि योजना के तहत जिला स्तरीय समिति द्वारा मामले का मूल्यांकन किया जाता है और योग्य पाए जाने वाले प्रत्येक राह-वीर को 25 हजार रुपये का नकद पुरस्कार और प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया जाता है। सरकार का यह कदम न केवल लोगों को मदद के लिए प्रोत्साहित करेगा, बल्कि समाज में मानवता और सहयोग की भावना को भी मजबूत करेगा।
कार्यक्रम के दौरान छात्रों से आह्वान किया गया कि वे सड़क दुर्घटना की स्थिति में निडर होकर 112 पर सूचना दें, घायल को नजदीकी अस्पताल तक पहुंचाने में मदद करें और जरूरत पड़ने पर प्राथमिक उपचार भी दें। कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने संकल्प लिया कि वे भविष्य में राह-वीर बनकर मानव जीवन की रक्षा में अपनी भूमिका निभाएंगे।