बजट सत्र से पहले अखिलेश यादव का योगी सरकार पर हमला, बोले- नए बजट से पहले पिछली सच्चाई बताए सरकार
उत्तर प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र 9 फरवरी से 20 फरवरी तक प्रस्तावित है। सत्र शुरू होने से पहले समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि नए बजट की घोषणाओं से पहले जनता का हक है कि वह पिछले बजट की वास्तविकता को जाने।
सोशल मीडिया पर उठाया सवाल
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा कि भाजपा सरकार अगले बजट को लेकर “झूठ का बखान” करने से पहले यह बताए कि पिछले बजट का क्या हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा आत्म-प्रचार पर बजट से भी अधिक खर्च करती है, जबकि जमीनी सच्चाई कुछ और है।
सपा विधायकों के साथ की रणनीतिक बैठक
बजट सत्र की शुरुआत से पहले अखिलेश यादव ने लखनऊ स्थित पार्टी मुख्यालय में समाजवादी पार्टी के विधायकों के साथ बैठक की। बैठक में सत्र के दौरान सरकार को घेरने की रणनीति पर चर्चा हुई। संगठनात्मक मुद्दों के साथ-साथ चुनावी प्रक्रिया और कथित अनियमितताओं को भी प्रमुखता से उठाया गया।
वोटर लिस्ट और फॉर्म-7 को लेकर आरोप
बैठक के बाद अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी पहले ही फॉर्म-7 को लेकर गंभीर सवाल उठा चुकी है। उनका आरोप है कि सरकार ने कुछ पेशेवर एजेंसियों को नियुक्त किया है, जो दिल्ली, लखनऊ समेत अन्य स्थानों से मतदाता सूची का डेटा विश्लेषण कर रही हैं। उन्होंने दावा किया कि इन एजेंसियों के माध्यम से उन बूथों की पहचान की जा रही है, जहां सपा को पहले जीत मिलती रही है।
सर्वदलीय बैठक में हुई चर्चा
बजट सत्र से पहले 8 फरवरी को एक सर्वदलीय बैठक भी आयोजित की गई, जिसमें सत्तारूढ़ भाजपा के साथ कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। बैठक में सदन के सुचारु संचालन और जनहित से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई।
11 फरवरी को पेश होगा बजट
योगी सरकार 11 फरवरी को वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश करेगी। सत्र से पहले विपक्ष के तेवरों से साफ है कि इस बार विधानसभा में बजट को लेकर तीखी बहस देखने को मिल सकती है।