आर्थिक सर्वे 2025-26: संगठित अपराध पर सख्ती से प्रदेश में घटा अपराध, कानून-व्यवस्था हुई मजबूत
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने सोमवार को उत्तर प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र में उत्तर प्रदेश सरकार की वर्ष 2025-26 की आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट सदन के पटल पर रखी। रिपोर्ट में कानून-व्यवस्था और सुरक्षा के क्षेत्र में सरकार की उपलब्धियों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया गया। वित्त मंत्री ने कहा कि प्रदेश में संगठित अपराध और माफिया नेटवर्क के खिलाफ सख्त कार्रवाई को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई, जिसका सीधा और सकारात्मक असर अपराध दर में कमी के रूप में सामने आया है।
संगठित अपराध पर प्रहार से बढ़ा जन और निवेशक विश्वास
वित्त मंत्री ने बताया कि आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार, प्रदेश सरकार द्वारा माफिया और संगठित अपराध के विरुद्ध कठोर कार्रवाई किए जाने से कानून-व्यवस्था में व्यापक सुधार हुआ है। अपराध दर में आई गिरावट से न केवल आम नागरिकों का भरोसा मजबूत हुआ है, बल्कि उत्तर प्रदेश निवेश के लिहाज से भी अधिक सुरक्षित और भरोसेमंद राज्य के रूप में उभरा है।
आधुनिक तकनीक से सशक्त हुई पुलिसिंग व्यवस्था
आर्थिक सर्वेक्षण में यह भी उल्लेख किया गया कि आधुनिक तकनीक आधारित पुलिसिंग को बढ़ावा देकर पुलिस सुधारों को नई दिशा दी गई है। सीसीटीवी नेटवर्क, डिजिटल केस मैनेजमेंट सिस्टम और जवाबदेह पुलिस व्यवस्था से पुलिस की कार्यक्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इससे आम नागरिकों में निर्भीक होकर शिकायत दर्ज कराने का वातावरण बना है और अपराध नियंत्रण को और मजबूती मिली है।
महिला सुरक्षा को लेकर जीरो टॉलरेंस नीति
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि महिला सुरक्षा के क्षेत्र में प्रदेश सरकार ने जीरो टॉलरेंस नीति को प्रभावी ढंग से लागू किया है। सेफ सिटी परियोजना के अंतर्गत महिला पुलिस बीट, एंटी-रोमियो स्क्वॉड और व्यापक सीसीटीवी निगरानी के माध्यम से सार्वजनिक स्थलों और कार्यस्थलों पर महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित की गई है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश फैक्ट्री अधिनियम (संशोधित) 2025 के जरिए महिलाओं को औद्योगिक क्षेत्रों, विशेष रूप से नाइट शिफ्ट में, समान अवसर प्रदान किए गए हैं।
मिशन शक्ति और न्यायिक सुधारों से सामाजिक सहभागिता को बल
आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट में मिशन शक्ति के तहत किए गए प्रयासों का भी उल्लेख किया गया है। सुरक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार सेवाओं के एकीकरण से महिलाओं की आत्मनिर्भरता और सामाजिक सहभागिता को नई गति मिली है। वहीं न्यायिक सहयोग को मजबूत करने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट और ई-कोर्ट्स की स्थापना की गई, जिससे न्यायिक प्रक्रिया में तेजी आई है। इसके अलावा जन विश्वास अधिनियम के माध्यम से छोटे प्रक्रियात्मक अपराधों का अपराधीकरण समाप्त कर पारदर्शिता आधारित शासन मॉडल को सुदृढ़ किया गया है।
आर्थिक सर्वे 2025-26 यह दर्शाता है कि कानून-व्यवस्था, महिला सुरक्षा और न्यायिक सुधारों के क्षेत्र में उठाए गए ठोस कदमों ने उत्तर प्रदेश को अधिक सुरक्षित, जवाबदेह और निवेश के अनुकूल राज्य बनाने में अहम भूमिका निभाई है।