एमपी की पेंशन स्कीम में 50 साल बाद बड़ा बदलाव: अब इन पेंशनर्स की बेटियों को लाइफ टाइम पेंशन, जानें राज्य सरकार का नया रूल
MP Pension New Rule 2026: मध्यप्रदेश के सरकारी कर्मचारियों की पेंशन स्कीम में प्रदेश सरकार ने बड़ा बदलाव किया है।
प्रदेश सरकार ने करीब 50 साल बाद पेंशन न्यू रूल 2026 लागू किया है। इस स्कीम में अधिकांश केंद्र सरकार के नियमों को शामिल किया गया हैं। जिसमें खासकर दिवंगत पेंशनर्स की बेटियों को लेकर बड़ा बदलाव किया गया है। जिसका लाभ 1 अप्रैल 2026 मिलने की संभावना है। कई सरकारी पेंशनर्स एसोसिएशन और पेंशनर्स में खुशी की लहर है।
पति से अलग मायके रह रही बेटी भी पात्र
नए पेंशन रूल में अविवाहित, तलाकशुदा और पति से अलग रह रही बेटियों का फोकस किया है। यानी अब पेंशनर्स की मृत्यु के बाद सिर्फ 25 साल की अविवाहित ही नहीं, तलाकशुदा और पति से घर छोड़ मायके में रहने वाली बेटियों को लाइफ टाइम पेंशन देने का ऐलान किया है।
एच्छिक रिटायरमेंट, ओल्ड, न्यू पेंशन भी
इस नई स्कीम में बाकी सभी नियम जैसे एच्छिक सेवा निवृत्ति, केंद्र सरकार द्वारा दिए गए प्रावधानों को शामिल किया गया है। इसमें नियम 2026 का अनुमोदन किया गया है। इसमें ओल्ड पेंशन स्कीम और नई पेंशन स्कीम को भी शामिल किया गया है।
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एमपी में साल 1976 में बनी पेंशन स्कीम
पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन अध्यक्ष आमोद सक्सेना ने बताया कि मध्यप्रदेश सरकार ने वर्ष 1976 में पेंशन नियम बनाया था। अब तक पेंशन स्कीम में छिटपुट संशोधन होते रहे हैं, लेकिन इस बार जो संशोधन किया है, उसमें पेंशनर्स के बड़े वर्ग को लाभ मिलने वाला है।
25 साल की अविवाहित बेटियां ही थी पात्र
साल 2005 से पेंशनर्स की मृत्यु के बाद उनकी अविवाहित बेटियों को पेंशन देने का नियम था। जिसमें नियम था कि 25 साल तक की उम्र की ही अविवाहित बेटी को इसका लाभ मिलेगा। ऐसे में होता ये था कि जो बेटियां ससुराल छोड़ यानी तलाकशुदा, पति को छोड़ मायके लौट आईं या जीवनपर्यत अविवाहितों को लाभ नहीं मिलता था।
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1 हजार से अधिक परिवारों को मिलेगा लाभ
प्रदेश सरकार ने न्यू पेंशन स्कीम 2026 में बदलाव करते हुए केंद्र सरकार के समान प्रदेश के पेंशनर्स की अविवाहित, तलाकशुदा, पति को छोड़ मायके में रह रही बेटियों को लाइफ टाइम तक न्यूनतम पेंशन देने का प्रावधान कर दिया है। इस स्कीम से वर्तमान में करीब 1 हजार से अधिक परिवारों को लाभ मिलने की उम्मीद हैं।
महंगाई राहत के साथ मिल रहे 7750 रुपए
पुरानी पेंशन स्कीम के तहत वर्तमान में प्रदेश में पेंशनर्स की मृत्यु के बाद उनकी बेटियों को न्यूनतम पेंशन के रूप में 7 हजार 750 रुपए मिल रहा हैं। जिसमें 55 प्रतिशत महंगाई राहत जुड़कर मिलना है। अब तक इसमें किसी प्रकार की बढ़ोतरी को लेकर कोई जानकारी सामने नहीं आई है।
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केंद्र के समान मिलेगी पारिवारिक पेंशन
प्रदेश सरकार का मानना है कि इस स्कीम में विभिन्न सर्कुलरों के माध्यमों से पेंशन का निर्धारण होता रहा है। हालांकि, इससे कर्मचारियों में स्पष्टता नहीं रहती थी। अब इसमें पारिवारिक पेंशन जो केंद्र सरकार के समान मिलेगी, जो बहुत कम लोगों को मिल पाती रही है।
बेटियों का जीवनयापन होता था मुश्किल
एमएसएमई मंत्री चैतन्य काश्यप के मुताबिक, अब तक बेटों को ही पेंशन मिलती थी। जो बेटियां माता-पिता पर आश्रित रहती हैं, तलाक होने के बाद उनका जीवनयापन मुश्किल होता था। पारिवारिक पेंशन में अब पेंशनर्स की मृत्यु के बाद उनकी बेटियां परिवार का भरण-पोषण कर पाएगी।
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