मध्यप्रदेश OBC आरक्षण केस: क्या सरकारी भर्ती में OBC के 13% होल्ड पद होंगे अनहोल्ड ? सुप्रीम कोर्ट में 19 फरवरी को अहम सुनवाई

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MP OBC Reservation 13 percent Hold Post Decision: मध्यप्रदेश के 27 फीसदी ओबीसी आरक्षण मामले में 13 फीसदी होल्ड पदों पर सुप्रीम कोर्ट 19 फरवरी, गुरुवार को अहम फैसला सुनाएगा। OBC वेलफेयर कमेटी और मध्यप्रदेश शासन ने अंतरिम राहत की मांग की है कि OBC आरक्षण 27 फीसदी मानते हुए 13 फीसदी होल्ड पदों के रिजल्ट को अनहोल्ड किया जाए। सुप्रीम कोर्ट में 18 फरवरी को आरक्षण मामले में सुनवाई हुई थी।

ओबीसी आरक्षण मामले में 18 मार्च को फाइनल सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट ने 18 मार्च को ओबीसी आरक्षण मामले में फाइनल सुनवाई और फैसला करने की बात कही है।

सुप्रीम कोर्ट में 18 फरवरी को हुई सुनवाई

18 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस पी नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच ने मामले की सुनवाई की। इसमें पहले बात हुई कि इसे टॉप ऑफ लिस्ट 18 मार्च को सुनेंगे और इसमें छत्तसीगढ़ मुद्दे को पहले सुना जाएगा। वो हो गया तो मप्र का भी तय हो जाएगा। लेकिन इस पर OBC वेलफेयर कमेटी के अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर और वरुण ठाकुर ने कहा कि मामला 6 साल से अटका है। नियुक्ति पाने वाले लोग इंतजार कर रहे हैं। कम से कम अंतरिम राहत दी जाए, जैसे छत्तीसगढ़ पर दी है। इस निवेदन पर बेंच होल्ड पदों पर सुनवाई करने पर सहमत हुई।

अनारक्षित वर्ग की आपत्ति

अनारक्षित वर्ग के अधिवक्ता अमन लेखी, शंकर नारायण, शंकर जैन ने विरोध किया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ का मामला अलग है। छत्तीसगढ़ में रिजल्ट आ गया और नियुक्ति दे दी गई है, लेकिन मध्यप्रदेश में ऐसा नहीं हुआ है। मध्यप्रदेश शासन से नियुक्त विशेष अधिवक्ता नटराजन ने भी इसमें अंतरिम राहत की मांग की है।

सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा

मामले में सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने कहा कि पहले अंतरिम राहत पर सुनवाई करते हैं। इसे गुरुवार 19 फरवरी को 101 नंबर पर सुनेंगे। वहीं फाइनल सुनवाई 18 मार्च को की जाएगी।

MP में 2019 से 13 फीसदी पद होल्ड

मध्यप्रदेश सरकार ने साल 2022 में 87-13 फीसदी का फॉर्मूला लागू किया था। इसके बाद से PSC और ESB की हर भर्ती में 13 फीसदी पदों का रिजल्ट होल्ड किया जाता है। करीब 1 लाख से ज्यादा कैंडिडेट्स रिजल्ट के इंतजार में हैं।

हर भर्ती विज्ञापन में 27 फीसदी OBC आरक्षण

मध्यप्रदेश में 27 फीसदी OBC आरक्षण कमलनाथ सरकार के वक्त लागू हुआ था लेकिन इसके बाद से ही केस चल रहा है। हाईकोर्ट ने अंतरिम रोक लगाई थी जिसमें 14 फीसदी से ज्यादा OBC आरक्षण पर रोक है। हालांकि मप्र में निकलने वाली हर भर्ती के विज्ञापन में 27 फीसदी आरक्षण दिया जाता है।

‘सुप्रीम कोर्ट में सरकार की असली परीक्षा’

ओबीसी महासभा की राष्ट्रीय कार्य समिति के सदस्य कमलेंद्र ने X पर पोस्ट में लिखा है कि कल सुप्रीम कोर्ट में सरकार की असली परीक्षा होगी। अगर सरकार सच में ओबीसी के साथ है, तो कल कोर्ट में मजबूती से बोले, वरना इतिहास गवाह रहेगा कि न्याय के वक्त कौन चुप खड़ा था।



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