UP Shiksha Mitra Salary Hike: यूपी में शिक्षा मित्रों की सैलरी बढ़ी, अब 10 हजार की जगह हर महीने मिलेंगे 18 हजार रुपये, सीएम योगी का ऐलान, जानें और क्या मिलेगा फायदा

0


UP Shiksha Mitra Salary Hike: उत्तर प्रदेश सरकार ने शिक्षा मित्रों का मानदेय 10 हजार से बढ़ाकर 18 हजार कर दिया है। यूपी सरकार ने साथ में अनुदेशकों भी 17 हजार रुपए प्रति महीने देने का ऐलान भी किया है। नई व्यवस्था 1 अप्रैल से लागू होगी।  

1.56 लाख शिक्षा मित्रों औक अनुदेशकों को फायदा

सीएम योगी ने इसका ऐलान यूपी विधानसभा में किया। यूपी में 1.47 लाख शिक्षामित्र और 28 हजार से ज्यादा अनुदेशक हैं। पहले शिक्षा मित्रों का मानदेय 10 हजार था जो अब बढ़कर 18 हजार हो गया है। इसी तरह अनुदेशकों की सैलरी भी 10 हजार से बढ़ा कर 17 हजार कर दी हई है।  Shiksha Mitra 18000 Salary   

ये भी पढ़ें – UP Police Transfer 2026: गोरखपुर पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल, 26 दरोगा व पुलिसकर्मियों का तबादला, देखें लिस्ट

9 साल के बाद मानदेय में वृद्धि 

वर्तमान में उत्तर प्रदेश में 1.47 लाख शिक्षा मित्र हैं और 28 हजार से ज्यादा अनुदेशक (Instructor) हैं। शिक्षा मित्रों को साल में सिर्फ 11 महीने की मानदेय प्राप्त होता है। 2014-15 से सपा सरकार ने शिक्षा मित्रों के स्थाई कर दिया था। लेकिन फिर बाद में सुप्रीम कोर्ट ने शिक्षा मित्रों का समायोजन रद्द कर दिया था।   

UP Shiksha Mitra Salary Hike 18 thousand government decision cm yogi Adityanath hindi news zxc (1)

2017 में भाजपा के सरकार में आने के बाद जुलाई महीने में शिक्षा मित्रों का मानदेय 10हजार रुपए तय किया गया। इससे पहले सपा सरकार में इन्हें सिर्फ 3 हजार रुपए ही मिला करते थे। बता दें कि सरकार ने शिक्षा मित्रों के ट्रांसफर का भी ऐलान कर दिया है और साथ में उनके परिवार के लिए 5 लाख रुपए तक का कैशलेस इलाज की सुविधा दी जाएगी।   

ये भी पढ़ें – 

अनुदेशकों के मानदेय पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला

अनुदेशकों के मानदेय को लेकर चल रहे लंबे कानूनी विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। साल 2017 में अनुदेशकों का मानदेय करीब 9 हजार रुपए से बढ़ाकर 17 हजार करने का निर्णय लिया गया था, लेकिन सत्ता परिवर्तन के बाद ये लागू नहीं हो सका। इसके खिलाफ अनुदेशकों ने लखनऊ हाईकोर्ट की बेंच में याचिका दायक की थी। 

हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने तत्कालीन न्यायमूर्ति राजेश सिंह चौहान द्वारा 17 हजार रुपए मानदेय 9 प्रतिशत ब्याज  के साथ देने का आदेश दिया था। राज्य सरकार ने इस आदेश के खिलाऱ अपील की, जिस पर डबल बेंच ने एक साल के लि 17 हजार रुपए भुगतान का निर्देश दिया। मामला आगे सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, जहां राज्य सरकार की अपील खारिज कर दी गई।

ये भी पढ़ें –   MP SET Admit Card 2025-26: एग्जाम डेट से पहले इस दिन रिलीज होगा हॉल टिकट, यहां जानें पूरी जानकारी

सुप्रीम कोर्ट की डबल बेंच ने स्पष्ट किया कि संविदा अवधि समाप्त होने के बाद भी अनुदेशकों की नौकरी खत्म नहीं की जा सकती। लगातार 10 वर्ष तक सेवा देने के कारण यह पद स्वतः सृजित माना जाएगा। साथ ही 2017 से 17 हजार रुपए मानदेय लागू करने का निर्देश भी दिया गया है। 

ये भी पढ़ें – UP News: लखनऊ में नर्सों के लिए न्यूनतम वेतन 20 हजार रुपये अनिवार्य, कम सैलरी देने वाले अस्पतालों पर होगी कार्रवाई

Leave A Reply

Your email address will not be published.