नई दिल्ली: दीपावली से पहले मनाया जाने वाला धनतेरस हिंदू धर्म के प्रमुख त्योहारों में से एक है। इस दिन भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी और भगवान कुबेर की पूजा करने की परंपरा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, Dhanteras Muhurat में सोना, चांदी, बर्तन और अन्य उपयोगी वस्तुओं की खरीदारी करना मंगलकारी माना जाता है। शाम को घर के मुख्य द्वार पर दीपक जलाने और यमराज के नाम से दीपदान करने का भी विशेष महत्व है।
साल 2026 में धनतेरस का पर्व शुक्रवार, 6 नवंबर को मनाया जाएगा। इस दिन पूजा और खरीदारी के समय को लेकर लोगों में खास उत्सुकता रहती है। अलग-अलग शहरों में सूर्योदय, सूर्यास्त और स्थानीय पंचांग के अनुसार मुहूर्त में अंतर हो सकता है। यहां जानिए 50 प्रमुख शहरों के लिए दिए गए खरीदारी और पूजा के समय, चौघड़िया मुहूर्त और पूजा की विधि।
Dhanteras Muhurat 2026: 50 शहरों में खरीदारी और लक्ष्मी पूजन का समय
धनतेरस पर दिन में खरीदारी और शाम को पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। नीचे दी गई तालिका में अलग-अलग शहरों के लिए दोपहर के खरीदारी मुहूर्त और शाम के पूजन व दीपदान का समय दिया गया है।
उत्तर प्रदेश, दिल्ली-NCR और आसपास के शहर
| शहर | दोपहर खरीदारी | शाम पूजन और दीपदान |
|---|---|---|
| वाराणसी | 01:22 से 02:53 | 05:58 से 07:54 |
| मथुरा | 01:43 से 03:14 | 06:19 से 08:15 |
| आगरा | 01:42 से 03:13 | 06:18 से 08:14 |
| झांसी | 01:40 से 03:11 | 06:16 से 08:12 |
| नई दिल्ली | 01:45 से 03:16 | 06:21 से 08:17 |
| गुरुग्राम | 01:46 से 03:17 | 06:22 से 08:18 |
| फरीदाबाद | 01:45 से 03:16 | 06:21 से 08:17 |
| नोएडा/ग्रेटर नोएडा | 01:44 से 03:15 | 06:20 से 08:16 |
| गाजियाबाद | 01:44 से 03:15 | 06:20 से 08:16 |
| मेरठ | 01:43 से 03:14 | 06:19 से 08:15 |
| रामपुर | 01:38 से 03:09 | 06:14 से 08:10 |
| मुरादाबाद | 01:39 से 03:10 | 06:15 से 08:11 |
| प्रयागराज | 01:27 से 02:58 | 06:03 से 07:59 |
| अयोध्या | 01:25 से 02:56 | 06:01 से 07:57 |
| गोरखपुर | 01:20 से 02:51 | 05:56 से 07:52 |
| लखनऊ | 01:30 से 03:01 | 06:06 से 08:02 |
| कानपुर | 01:33 से 03:04 | 06:09 से 08:05 |
| चित्रकूट | 01:30 से 03:01 | 06:06 से 08:02 |
| बरेली | 01:36 से 03:07 | 06:12 से 08:08 |
| अलीगढ़ | 01:42 से 03:13 | 06:18 से 08:14 |
बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर
| शहर | दोपहर खरीदारी | शाम पूजन और दीपदान |
|---|---|---|
| पटना | 01:14 से 02:45 | 05:50 से 07:46 |
| रांची | 01:13 से 02:44 | 05:49 से 07:45 |
| जमशेदपुर | 01:09 से 02:40 | 05:45 से 07:41 |
| कोलकाता/हावड़ा | 01:01 से 02:32 | 05:37 से 07:33 |
| सिलीगुड़ी | 01:01 से 02:32 | 05:37 से 07:33 |
| गुवाहाटी | 12:47 से 02:18 | 05:23 से 07:19 |
| धनबाद/बोकारो | 01:08 से 02:39 | 05:44 से 07:40 |
उत्तराखंड, हिमाचल और पंजाब
| शहर | दोपहर खरीदारी | शाम पूजन और दीपदान |
|---|---|---|
| हरिद्वार/ऋषिकेश | 01:41 से 03:12 | 06:17 से 08:13 |
| देहरादून | 01:42 से 03:13 | 06:18 से 08:14 |
| शिमला | 01:45 से 03:16 | 06:21 से 08:17 |
| चंडीगढ़/पंचकुला/मोहाली | 01:47 से 03:18 | 06:23 से 08:19 |
| लुधियाना | 01:51 से 03:22 | 06:27 से 08:23 |
| अमृतसर/जालंधर | 01:54 से 03:25 | 06:30 से 08:26 |
राजस्थान और मध्य प्रदेश
| शहर | दोपहर खरीदारी | शाम पूजन और दीपदान |
|---|---|---|
| जयपुर | 01:51 से 03:22 | 06:27 से 08:23 |
| जोधपुर | 02:02 से 03:33 | 06:38 से 08:34 |
| कोटा | 01:51 से 03:22 | 06:27 से 08:23 |
| उदयपुर | 01:59 से 03:30 | 06:35 से 08:31 |
| मेहंदीपुर बालाजी | 01:46 से 03:17 | 06:22 से 08:18 |
| बीकानेर | 02:01 से 03:32 | 06:37 से 08:33 |
| भोपाल | 01:44 से 03:15 | 06:20 से 08:16 |
| इंदौर/उज्जैन | 01:51 से 03:22 | 06:27 से 08:23 |
| जबलपुर | 01:34 से 03:05 | 06:10 से 08:06 |
छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, गुजरात और दक्षिण भारत
| शहर | दोपहर खरीदारी | शाम पूजन और दीपदान |
|---|---|---|
| रायपुर | 01:28 से 02:59 | 06:04 से 08:00 |
| भिलाई/दुर्ग | 01:29 से 03:00 | 06:05 से 08:01 |
| नागपुर | 01:38 से 03:09 | 06:14 से 08:10 |
| मुंबई/ठाणे/नवी मुंबई | 02:03 से 03:34 | 06:39 से 08:35 |
| पुणे/पिंपरी | 01:59 से 03:30 | 06:35 से 08:31 |
| अहमदाबाद/गांधीनगर | 02:04 से 03:35 | 06:40 से 08:36 |
| सूरत/वडोदरा | 02:03 से 03:34 | 06:39 से 08:35 |
| बेंगलुरु | 01:44 से 03:15 | 06:20 से 08:16 |
नोट: ये शहरवार समय उपलब्ध कराए गए मुहूर्त विवरण के अनुसार हैं। अलग-अलग पंचांग और गणना पद्धतियों में समय का अंतर हो सकता है। पूजा या खरीदारी का अंतिम समय तय करने से पहले अपने शहर के स्थानीय पंचांग से पुष्टि कर लें।
धनतेरस 2026 पर चौघड़िया के अनुसार खरीदारी का समय
धार्मिक मान्यता के अनुसार चौघड़िया देखकर खरीदारी करना भी शुभ माना जाता है। 6 नवंबर 2026 के लिए दिए गए चौघड़िया समय इस प्रकार हैं:
- लाभ चौघड़िया: सुबह 07:54 बजे से 09:16 बजे तक।
- अमृत चौघड़िया: सुबह 09:16 बजे से 10:38 बजे तक।
- शुभ चौघड़िया: दोपहर 12:01 बजे से 01:23 बजे तक।
- चर चौघड़िया: शाम 04:07 बजे से 05:30 बजे तक।
चौघड़िया के समय भी स्थानीय पंचांग के अनुसार जांच लेना उचित रहेगा।
धनतेरस की पूजा कैसे करें? जानिए सरल विधि
धनतेरस के दिन पूजा करने के लिए कुछ सामान्य धार्मिक परंपराओं का पालन किया जाता है। पूजा की विधि इस प्रकार है:
- सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ कपड़े पहनें।
- घर और पूजा स्थल की अच्छी तरह सफाई करें।
- पूजा स्थान पर भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी और भगवान कुबेर की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें।
- दीपक जलाकर भगवान को फूल, फल, मिठाई, धूप और दीप अर्पित करें।
- भगवान धन्वंतरि की पूजा करके अच्छे स्वास्थ्य और निरोगी जीवन की कामना करें।
- माता लक्ष्मी और भगवान कुबेर से घर में सुख-समृद्धि और खुशहाली की प्रार्थना करें।
- शाम के समय घर के मुख्य द्वार पर दीपक जलाएं और यमराज के नाम से दीपदान करें।
- अंत में परिवार के सभी सदस्यों के साथ आरती करें और प्रसाद वितरित करें।
धनतेरस पर किन चीजों की खरीदारी करना माना जाता है शुभ?
धनतेरस के अवसर पर सोना, चांदी, पीतल और तांबे के बर्तन खरीदने की परंपरा है। इसके अलावा लोग अपनी जरूरत और सामर्थ्य के अनुसार घर के उपयोग की वस्तुएं भी खरीदते हैं।
धार्मिक मान्यताओं में इस दिन धातु की वस्तुएं खरीदना शुभ माना जाता है। हालांकि, खरीदारी करते समय अपनी आर्थिक स्थिति और जरूरतों का ध्यान रखना भी जरूरी है।
धनतेरस 2026: तारीख और पूजा का महत्व
धनतेरस कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन भगवान धन्वंतरि की पूजा स्वास्थ्य और आरोग्य की कामना से की जाती है। माता लक्ष्मी की आराधना धन-धान्य और समृद्धि के लिए तथा भगवान कुबेर की पूजा धन-संपत्ति की कामना से की जाती है।
इस तरह धनतेरस केवल खरीदारी का पर्व नहीं, बल्कि स्वास्थ्य, समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना से जुड़ा त्योहार भी है। साल 2026 में यह पर्व शुक्रवार, 6 नवंबर को मनाया जाएगा। शुभ मुहूर्त में पूजा, दीपदान और अपनी सामर्थ्य के अनुसार खरीदारी करके श्रद्धालु इस त्योहार को मनाएंगे।
इसलिए धनतेरस पर पूजा और खरीदारी करने से पहले अपने शहर का Dhanteras Muhurat और स्थानीय पंचांग जरूर देख लें, ताकि शुभ समय में धार्मिक परंपराओं का पालन किया जा सके।







