‘उसने मेरी पत्नी बुशरा बीबी के साथ…’, पाकिस्तान के फिल्ड मार्शल असीम मुनीर पर इमरान खान ने लगाए ये संगीन आरोप

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Imran Khan exposes Asim Munir: पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने जेल से एक बेहद गंभीर और सनसनीखेज आरोप लगाते हुए पाकिस्तान सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर को बेनकाब किया है. उन्होंने दावा किया कि मुनीर की नजर उनकी पत्नी बुशरा बीबी पर थी.

खान ने दावा किया है कि जब उन्होंने बतौर प्रधानमंत्री जनरल असीम मुनीर को ISI चीफ के पद से हटाया, तो उसके बाद मुनीर ने उनकी पत्नी बुशरा बीबी से मामला सुलझाने के लिए निजी तौर पर संपर्क साधने की कोशिश की.

‘मेरी पत्नी से प्राइवेट मुलाकात चाहता था मुनीर’

इमरान खान ने कहा, ‘जब मैंने उन्हें DG ISI के पद से हटाया, तो वो मेरी पत्नी बुशरा बीबी से बीच के लोगों के ज़रिए बात करना चाहते थे. लेकिन मेरी पत्नी ने दो टूक मना कर दिया कि उनका राजनीति या इस मसले से कोई लेना-देना नहीं है.’

इमरान खान का आरोप है कि इसी व्यक्तिगत इनकार के बाद जनरल मुनीर ने बदले की भावना से बुशरा बीबी को निशाना बनाया. बुशरा बीबी को जिस तरह जेल में 14 महीने से रखा गया है और उन्हें जो अमानवीय व्यवहार झेलना पड़ रहा है, वो सेना प्रमुख की उसी घटिया सोच का नतीजा है.

‘नहीं मानी बुशरा तो फर्जी केस बनाए.

इमरान खान ने कहा, ‘मेरी पत्नी का कोई राजनीतिक रोल नहीं है, वह एक घरेलू महिला हैं. इसके बावजूद उन्हें झूठे आरोपों में जेल में ठूंसा गया. ये सबकुछ सिर्फ इसलिए हुआ क्योंकि उन्होंने एक ताक़तवर जनरल की निजी मुलाकात की मांग ठुकरा दी.’

उन्होंने कहा कि 1 जून को कोर्ट के आदेश के बावजूद उन्हें अपनी पत्नी से मिलने नहीं दिया गया. उन्होंने कहा, ‘कानून और संवैधानिक अधिकारों को रौंद दिया गया है.’

‘9 मई की घटनाएं थीं प्लान का हिस्सा’

खान ने आरोप लगाया कि 9 मई 2023 की घटनाएं लंदन प्लान का हिस्सा थीं, जिसका मकसद सिर्फ एक था — पाकिस्तान की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी, PTI को खत्म करना… उन्होंने कहा, ‘हमारे नेताओं को जेल में डाला गया, कार्यकर्ताओं पर गोली चलाई गई और फर्जी मुकदमे बनाए गए.’

‘पाकिस्तान की न्यायपालिका शर्मनाक स्तर पर’

इमरान खान ने पाकिस्तान की न्यायपालिका पर भी हमला बोला. उन्होंने कहा कि अदालतें न तो 9 मई की CCTV फुटेज मांग रही हैं, न ही निष्पक्ष जांच कर रही हैं. उन्होंने कहा, ‘जज अब न्याय के लिए नहीं, अपनी कुर्सियों के लिए फैसले कर रहे हैं. आज की अदालतें तानाशाही के औज़ार बन गई हैं.’

‘9 मई और 26 नवंबर की जांच हो’

इमरान खान ने न्यायिक आयोग की मांग करते हुए कहा कि 9 मई और 26 नवंबर 2024 को इस्लामाबाद में हुए नरसंहारों की पारदर्शी जांच होनी चाहिए. निर्दोष लोगों को जेल में बंद किया गया, और पूरे देश को झूठे दावों के सहारे आतंकित किया जा रहा है.

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