पाकिस्तान का दोगलापन! ईरान पर हमले के लिए US को दी एयरस्पेस के इस्तेमाल की इजाजत, अब शिया देश पर अटैक की कर रहा निंदा

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एक दिन पहले ही पाकिस्तान ने ऑफिशियली अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार देने की बात कही थी. लेकिन अब पाकिस्तान अमेरिका के हमले की निंदा भी कर रहा है. रक्षा एक्सपर्ट्स का कहना है कि पाकिस्तानी सेना प्रमुख अमेरिका और ईरान दोनों के साथ डबल गेम खेल रहे हैं.

Pakistan Double Standard: ईरान और इजरायल युद्ध के बीच अमेरिका ने ईरान पर हमला कर दिया है. वहीं इसके साथ ही पाकिस्तान का दोहरा चरित्र भी सामने आ गया. जहां एक ओर पाकिस्तान ने अमेरिका के ईरान पर किए हमले की निंदा की है. वहीं मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान पर किए गए अटैक के लिए अमेरिका ने पाकिस्तान का एयर स्पेस इस्तेमाल किया है. कुछ दिन पहले ही पाकिस्तान के सेना प्रमुख असीम मुनीर ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार देने की वकालत की थी. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या पाकिस्तान डबल गेम खेल रहा है?

असीम मुनार ने खेला डबल गेम!

भारतीय समय के अनुसार अमेरिका ने 22 जून सुबह साढ़े 4 बजे ईरान के 3 परमाणु ठिकानों फोर्डो, नतांज और इस्फहान पर हमला किया है. मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि अमेरिकी वायुसेना के B2 स्टील्थ बॉम्बर्स ने ईरान पर हमले के लिए पाकिस्तान के एयरस्पेस का इस्तेमाल किया है. वहीं दूसरी ओर पाकिस्तान शिया मुल्क ईरान पर किए गए हमले की निंदा कर रहा है.

एक दिन पहले ही पाकिस्तान ने आधिकारिक तौर पर ट्रंप को नोबेल प्राइज देने की बात कही थी. इतना ही नहीं ईरान-इजरायल के बीच चल रहे युद्ध के बीच पाकिस्तान आर्मी चीफ असीम मुनीर अमेरिका के दौरे पर गए और व्हाइट हाउस में लंच भी किया. कुछ दिन पहले ही पाकिस्तानी आर्मी चीफ ने भी अमेरिकी राष्ट्रपति को नोबेल शांति पुरस्कार देने की वकालत की थी. लेकिन अब पाकिस्तान अमेरिका के हमले की निंदा भी कर रहा है. रक्षा एक्सपर्ट्स का कहना है कि पाकिस्तानी सेना प्रमुख अमेरिका और ईरान दोनों के साथ डबल गेम खेल रहे हैं.

पैसों की खातिर कुछ भी करेगा पाकिस्तान!

आतंक की फैक्ट्री चलाने वाला पाकिस्तान अभी कंगाल होने की कगार पर है. पाकिस्तान ने अपने पैसों और संसाधनों का इस्तेमाल आतंकवाद को पालने-पोषने के लिए किया. विकास के नाम पर अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से मिलने वाली आर्थिक मदद भी आतंकियों की फैक्ट्री चलाने में की. पाकिस्तान आर्थिक तंगी से गुजर रहा है. ऐसे में उसे अब अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से लोन का सहारा है. ऐसी स्थिति में पाकिस्तान किसी को भी नाराज नहीं कर सकता है. जहां एक ओर पाकिस्तान मुस्लिम देश होने के नाम पर ईरान पर हमले की निंदा करके खुद को शिया कंट्री (ईरान) की नजर में पाक-साफ रखना चाहता है. अमेरिका को खुश करके IMF और वर्ल्ड बैंक जैसी अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से आर्थिक मदद लेना चाहता है.

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