Ghar Wapsi In Lucknow: विश्व हिंदू रक्षा परिषद ने 11 लोगों की कराई हिंदू धर्म में वापसी, गजवा-ए-हिंद से जुड़ें हैं तार

0


हाइलाइट्स

  • लखनऊ में 11 लोगों की हिंदू धर्म में घर वापसी
  • गजवा-ए-हिंद पर विदेश से 100 करोड़ की फंडिंग का आरोप
  • परिषद ने धर्मांतरण के खिलाफ सीएम से कड़ी कार्रवाई मांगी

Ghar Wapsi In Lucknow: राजधानी लखनऊ में गुरुवार को एक बड़ा धर्मांतरण-विरोधी अभियान चलाया गया जहां विश्व हिंदू रक्षा परिषद ने 11 लोगों की हिंदू धर्म में ‘घर वापसी’ कराई है। इस आयोजन में डिगडिगा गांव स्थित शिव भोला मंदिर में धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ शुद्धिकरण संस्कार भी सम्पन्न किया गया।

मुख्यमंत्री से की सख्त कार्रवाई की मांग

विश्व हिंदू रक्षा परिषद ने इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से गजवा-ए-हिंद नामक संगठन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। परिषद के अनुसार, यह संगठन न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि देश के कई राज्यों में धर्मांतरण का नेटवर्क चला रहा है। परिषद ने आरोप लगाया कि इस नेटवर्क के तहत गरीब, असहाय और जरूरतमंद हिंदुओं को पैसों का लालच देकर इस्लाम में परिवर्तित किया जा रहा है।

गजवा-ए-हिंद पर विदेशों से फंडिंग का आरोप

विश्व हिंदू रक्षा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष गोपाल राय ने दावा किया कि गजवा-ए-हिंद को विदेशों से हर वर्ष 100 करोड़ रुपये से अधिक की फंडिंग मिल रही है, जिससे यह संगठन धर्मांतरण की गतिविधियों को अंजाम दे रहा है। उन्होंने कहा कि अगर पुलिस और एसटीएफ गंभीरता से जांच करें तो इस नेटवर्क को उजागर किया जा सकता है।

कमलेश तिवारी हत्याकांड से भी जोड़े तार

परिषद ने आरोप लगाया कि गजवा-ए-हिंद का संबंध पूर्व हिंदू नेता कमलेश तिवारी की हत्या से भी जुड़ा है। उन्होंने कहा कि संगठन से जुड़े छांगुर पीर, मोहम्मद अहमद खान और अब्दुल माबूद रजा उर्फ आकिब के खिलाफ केस दर्ज होने के बावजूद अब तक गिरफ्तारी नहीं हुई है, जिससे कार्यकर्ताओं में नाराजगी है।

पीड़ितों की दर्दनाक आपबीती

धर्मांतरण पीड़ित ने बताया कि छांगुर पीर ही इस नेटवर्क का मुख्य सरगना है, जो युवाओं को फुसलाकर और लालच देकर धर्मांतरण करा रहा है। उसने बताया कि मुस्लिम युवकों के जरिए हिंदू लड़कियों को फंसाया जाता है और फिर उनका नाम व धर्म बदल दिया जाता है।

घर वापसी’ करने वालों की सूची

धर्मांतरण के बाद जिन 11 लोगों ने दोबारा हिंदू धर्म अपनाया, उनमें मंडवी शर्मा (पूर्व नाम जैनब), सोनू रानी, मालती, रीना, पल्लवी (पूर्व नाम मन्नत आब्दी), हरजीत कश्यप, संचित गौतम, राम नरेश मौर्य, नरेंद्र मिश्रा, हरजीत सिंह और मूर्ति देवी शामिल हैं।

सहारनपुर के एक पीड़ित शहाबुद्दीन ने दावा किया कि धर्म बदलने के बावजूद उन्हें उनके ही समुदाय के लोगों ने घर से निकाल दिया और अब तक प्रशासनिक स्तर पर कोई सुनवाई नहीं हुई है।

UP Cabinet Decisions: बुंदेलखंड के विकास के लिए NOIDA की तर्ज पर बनेगा BIDA, इन क्षेत्रों में भी नौकरी कर सकेंगी महिलाएं 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई कैबिनेट बैठक में प्रदेश के ऑल राउंड विकास के लिए कई अहम निर्णय लिए गए। बैठक में कुल 30 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई, जिनमें शहरी, औद्योगिक, अवसंरचनात्मक और रोजगार से संबंधित महत्वपूर्ण फैसले शामिल हैं। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें 

Leave A Reply

Your email address will not be published.