Darbhanga में On Road; कैमरे में कैद हुआ ट्रैफिक सिपाही का ‘ कारनामा’, जानिए

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प्रभास रंजन, दरभंगा। शहर के नगर थाना क्षेत्र स्थित मिर्जापुर चौक पर तैनात यातायात पुलिसकर्मी द्वारा घूस लेने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में दिख रहा है कि पुलिसकर्मी ने वन वे उल्लंघन करने वाले वाहन चालक से चालान नहीं काटकर सीधे ₹500 रिश्वत लेकर जेब में रख लिया।

वायरल वीडियो में क्या है?

वीडियो के अनुसार, मिर्जापुर चौक पर तैनात यातायात थाने के सिपाही मो. नौशाद को एक चार चक्का वाहन के चालक से वन वे नियम तोड़ने पर चालान न काटकर सीधे 500 रुपये लेते हुए देखा गया। वह यह राशि वर्दी के शर्ट की जेब में रखते हैं। देशज टाइम्स इस VIRAL VIDEO की पुष्टि नहीं करता।

  • पुलिसकर्मी ने पहना था सफेद शर्ट, नीली पैंट, काला चश्मा, और धूप से बचने के लिए ग्लव्स

  • उसके हाथ में काली छड़ी थी और नेम प्लेट अनुपस्थित थी।

  • वीडियो को किसी राहगीर द्वारा रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर वायरल किया गया।

ट्रैफिक सिपाही पर पहले भी लगे हैं आरोप

एक दिन पूर्व भी इसी स्थान पर पैसे वसूली की घटना सामने आई थी।
जब एक पत्रकार ने मोबाइल से फोटो खींचने को लेकर जानकारी मांगी, तो ट्रैफिक सिपाही ने कहा — “अधिकारियों का आदेश है फोटो लेने का।”नेम प्लेट के सवाल पर उन्होंने जवाब दिया कि “टूट गई है, बनवाने के लिए दी गई है।

  • अक्सर देखा जाता है कि ट्रैफिक पुलिसकर्मी नेम प्लेट नहीं लगाते, और अगर लगाते भी हैं तो उसे पोकेट की तरफ मोड़कर रखते हैं ताकि किसी को नाम न दिखाई दे।

  • यह सीधे तौर पर प्रशासनिक पारदर्शिता के नियमों का उल्लंघन है।

ट्रैफिक थाना प्रमुख का बयान

यातायात थानाध्यक्ष चंद्रोदय प्रकाश ने इस मामले में बताया कि:

मामले की रिपोर्ट जिला मुख्यालय को भेज दी गई है। मिर्जापुर चौक पर वन वे उल्लंघन को लेकर एक पुलिसकर्मी द्वारा रुपये लेने की शिकायत मिली थी, जिस पर जांच की जा रही है।”

सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रिया

वीडियो वायरल होते ही लोगों में आक्रोश फैल गया। कई नागरिकों ने कार्रवाई की मांग करते हुए कहा:

  • “अगर ट्रैफिक पुलिस खुद नियम तोड़ेगी, तो जनता का कानून में विश्वास कैसे बचेगा?”

  • “भ्रष्टाचार पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।”

प्रशासन की साख पर सवाल

यह घटना एक उदाहरण है कि कैसे स्थानीय स्तर पर पुलिस तंत्र में भ्रष्टाचार गहराया हुआ है। इस तरह की घटनाएं प्रशासन की साख को नुकसान पहुंचाती हैं और जनता का विश्वास कमजोर करती हैं

निष्कर्ष: क्या होगी आगे की कार्रवाई?

यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जिला प्रशासन और यातायात विभाग इस मामले में क्या ठोस कदम उठाते हैं
यदि दोषी पुलिसकर्मी पर कड़ी कार्रवाई नहीं होती, तो यह भविष्य में और मामलों को बढ़ावा दे सकता है।

जरूरी यह है कि प्रशासन पारदर्शिता लाए और दोषी कर्मी पर सख्त कार्रवाई करते हुए जनता में विश्वास बहाल करे।

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