अब गांवों तक पहुंचेंगी Micro ATMs, Digital Payments, Mobile Banking सेवा, 15 जिले, 144 प्रखंडों खुलेंगी Cooperative Bank की नई शाखाएं

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पटना, । बिहार सरकार ने 15 जिलों में 144 प्रखंडों में सहकारी बैंक शाखाओं की स्थापना की योजना बनाई है। इसके लिए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) से अनुमति मांगी गई है, और जैसे ही यह अनुमति प्राप्त होगी, संबंधित प्रखंडों में बैंक शाखाओं की स्थापना की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। इस कदम का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देना है और बैंकिंग सेवाओं को दूर-दराज के इलाकों तक पहुंचाना है।

सहकारी बैंकिंग अभियान: ग्रामीणों को मिल रही है राहत

राज्य भर में 6 मई से सहकारी बैंकों द्वारा शुरू किए गए विशेष बैंकिंग सेवा अभियान को अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है। इस अभियान का लक्ष्य 30 मई तक हर पंचायत में बैंकिंग सुविधा पहुंचाना है। इस विशेष अभियान के तहत, न केवल बैंकिंग सेवाएं दी जा रही हैं, बल्कि ग्रामीणों को वित्तीय जागरूकता भी प्रदान की जा रही है। अब तक, 1123 स्थलों पर सहकारिता जागरूकता, वित्तीय समावेशन और बैंकिंग सेवाओं से संबंधित शिविर आयोजित किए जा चुके हैं।

महिलाओं के लिए रोजगार और आत्मनिर्भरता

इस अभियान के तहत, ऋण वितरण कार्यक्रमों में विशेष रूप से महिलाओं को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर प्रदान किए जा रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएं अक्सर बैंकिंग सेवाओं से वंचित रहती हैं, लेकिन अब उन्हें सीधे तौर पर आर्थिक गतिविधियों से जोड़ा जा रहा है। इससे महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा मिलेगा और महिलाएं स्वरोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भर बन सकेंगी।

वित्तीय साक्षरता बढ़ाने के लिए विशेष कैंप

ग्रामीणों में वित्तीय साक्षरता को बढ़ाने के लिए विशेष कैंप का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें उन्हें बचत, मितव्ययता, निवेश, जमा योजना और डिजिटल ट्रांजैक्शन के बारे में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इससे ग्रामीणों को आधुनिक बैंकिंग प्रणाली से जोड़ने में मदद मिल रही है और कैशलेस लेनदेन को बढ़ावा मिल रहा है।

रूरल बैंकिंग योजनाएं: माइक्रो एटीएम और बैंक खाते

राज्य सरकार रूरल बैंकिंग को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं चला रही है, जिसमें 14 माइक्रो एटीएम का वितरण किया गया है, और 1723 नए बैंक खाते खोले गए हैं। अब तक, 14 लाख 10 हजार 765 रुपये की जमा राशि एकत्रित की गई है, जबकि 60 लाख 50 हजार रुपये की ऋण वसूली की गई है। इसके अलावा, किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) योजना के तहत 1 करोड़ 42 लाख 10 हजार रुपये का वितरण किया गया है।

ग्रामीण इलाकों में बैंकिंग सेवाओं का विस्तार

इस पहल के तहत, अब दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों के लोग बिना शहर जाए बैंकिंग सेवाएं प्राप्त कर सकेंगे। सेविंग अकाउंट, लोन, बीमा और अन्य योजनाओं का लाभ अब गरीब, मजदूर, किसान और महिलाएं आसानी से उठा सकेंगे। विशेष रूप से, ऋण वितरण कार्यक्रम से महिलाओं को छोटे उद्योग और स्वरोजगार में मदद मिलेगी।

किसानों को मिलेगा सस्ता और त्वरित ऋण

किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) योजना के माध्यम से किसानों को सस्ते और त्वरित ऋण मिलेंगे, जिससे खेती-बाड़ी के लिए पूंजी की कमी नहीं रहेगी। अधिक बैंक शाखाओं के खुलने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था में मजबूती आएगी, और माइक्रो एटीएम, मोबाइल बैंकिंग, डिजिटल भुगतान जैसी सेवाएं गांवों तक पहुंचेंगी।

आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम

यह बैंकिंग सेवा अभियान ग्रामीणों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे वित्तीय समावेशन, महिला सशक्तिकरण, किसान कल्याण और ग्रामीण विकास को बढ़ावा मिलेगा। सरकार की यह पहल बिहार के ग्रामीण इलाकों में आधुनिक बैंकिंग प्रणाली का विस्तार कर रही है, जिससे अब ग्रामीण जनसंख्या को भी आर्थिक रूप से मजबूत बनाने का अवसर मिलेगा।

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