कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने अस्पताल पहुंचकर बीएचयू के घायल प्रोफेसर का जाना हाल, सरकार पर साधा निशाना
अजय राय ने इस घटना को निंदनीय बताते हुए कहा कि बीएचयू जैसे राष्ट्रीय प्रतिष्ठान में शिक्षकों पर हमले हो रहे हैं और सरकारें मूकदर्शक बनी हुई हैं। उन्होंने इसे मोदी सरकार की पूरी तरह से नाकामी करार दिया, जिसने शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद किया है और शिक्षकों की सुरक्षा तक सुनिश्चित नहीं कर पाई। अजय राय ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की “तानाशाही प्रवृत्ति” और “अभिव्यक्ति की आजादी को कुचलने की नीति” के कारण शिक्षकों, छात्रों और बुद्धिजीवियों को निशाना बनाया जा रहा है।
सुनियोजित साजिश का हिस्सा
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि प्रोफेसर रामा मूर्ति पर हुआ हमला कोई साधारण घटना नहीं, बल्कि सुनियोजित साजिश का परिणाम है। यह उन लोगों द्वारा अंजाम दिया गया है जो वैचारिक स्वतंत्रता और आलोचनात्मक सोच से डरते हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर बीएचयू जैसे ऐतिहासिक संस्थान में एक शिक्षक सुरक्षित नहीं है, तो यह देश के भविष्य पर बड़ा सवालिया निशान है। राय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पूछा कि क्या यही है ‘नया भारत’, जहां शिक्षकों पर हमला होता है और सत्ता मौन रहती है।
न्य़ायिक जांच की मांग
अजय राय ने बीएचयू की कार्यकारिणी की चुप्पी को बेहद शर्मनाक बताया और कहा कि न कोई निंदा आई, न कोई संवेदना व्यक्त की गई। उन्होंने पूछा कि ये किसके इशारे पर चुप हैं और क्या शिक्षकों की सुरक्षा पर बोलना अब अपराध हो गया है। कांग्रेस नेता ने मांग की कि इस घटना की न्यायिक जांच कराई जाए, दोषियों को अविलंब गिरफ्तार किया जाए और बीएचयू प्रशासन स्पष्ट करे कि उन्होंने अब तक चुप्पी क्यों साध रखी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शिक्षकों, छात्रों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के साथ खड़ी है और हर मोर्चे पर अन्याय के खिलाफ आवाज उठाएगी। इस मौके पर कांग्रेस महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे, प्रोफेसर शार्दूल चौबे, अवधेश सिंह, चंचल शर्मा, विश्वनाथ कुंवर, सुमन आनंद, रोहित राणा, सुनील राय, धनश्याम सिंह सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।