कभी खेतों में काम करता था, फिर बना चौकीदारी, लेकिन एक फिल्म से ही बन गया सुपरस्टार

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Superstar: हर साल हज़ारों युवा खुद को बड़े पर्दे पर देखने के लिए मुंबई आते हैं, लेकिन उनमें से कुछ ही अपने सपने पूरे कर पाते हैं. कई हिम्मत हारकर वापस लौट जाते हैं या कहीं और अपनी किस्मत आजमाते हैं. मुंबई आने वाले कुछ लोगों में अभिनय की जन्मजात प्रतिभा होती है, जबकि अन्य लोग दुनिया भर के अभिनय स्कूलों से पढ़ाई करने के बाद इस शहर में आते हैं.

इस लेख में हम आपको एक ऐसे हीरो के बारे में बता रहे हैं जिसने पहले खेतों में काम किया, फिर चौकीदार की नौकरी की और अब सुपरस्टार (Superstar) बन गया है. जानिए कौन है वो एक्टर?

इस एक्टर ने की कठिन परिश्रम

Nawazuddin Siddiqui

आपको बता दें कि ये कोई और नहीं बल्कि अभिनेता नवाजुद्दीन सिद्दीकी हैं जिन्होंने कम उम्र में ही खेती शुरू कर दी थी, हालाँकि उनके पिता हमेशा औपचारिक शिक्षा पर ज़ोर देते थे. उन्होंने रसायन विज्ञान में डिग्री हासिल की, लेकिन खेती के प्रति उनका प्यार कभी कम नहीं हुआ. एक किसान परिवार से होने के कारण, वह अपने आठ भाई-बहनों के गुरु थे। उन्होंने बताया कि मुंबई में गुज़ारा करने के लिए उन्हें अक्सर दोस्तों से पैसे उधार लेने पड़ते थे.

सुपरस्टार (Superstar) ने आगे बताया, “मैंने छोटे-मोटे काम भी किए – कभी चौकीदार का काम किया, कभी धनिया बेचा। मैंने एक्टिंग सेमिनार भी आयोजित किए.” मैंने लगभग 100 ऑडिशन दिए और मुझे जो भी रोल मिला, उसे स्वीकार किया, चाहे वह कितना भी छोटा क्यों न हो। मुझे ‘सफलता’ पाने में 12 साल लग गए.

कैसे आया हीरो बनने का ख्याल

सुपरस्टार (Superstar) नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने फिल्मों में अपनी दमदार एक्टिंग से कई लोगों का दिल जीता है. नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने एक बार ह्यूमन्स ऑफ बॉम्बे के साथ अपने अभिनय सफर के बारे में खुलकर बात की थी.उन्होंने बताया कि अभिनेता बनने का विचार पहली बार उन्हें वडोदरा में एक नाटक देखने के बाद आया था, जहां उन्होंने कॉलेज की पढ़ाई पूरी करने के बाद एक रसायनज्ञ के रूप में काम किया था.

उन्होंने कहा, “हमारा परिवार साथ मिलकर रामलीला देखता था. अभिनय से मेरा यह पहला परिचय था. मेरे एक दोस्त ने राम का किरदार निभाया था और उसे मंच पर देखकर मैं बहुत प्रभावित हुआ था।”

किसी की पहचान की जरूरत नहीं

आपको बता दें, सुपरस्टार (Superstar) नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने ‘मुन्नाभाई एमबीबीएस’ में एक छोटी सी भूमिका निभाने से लेकर ‘लंचबॉक्स’ के लिए फिल्मफेयर पुरस्कार जीतने तक का सफर तय किया. ‘सरफ़रोश’ में तो किसी ने उन्हें नोटिस नहीं किया, लेकिन बाद में गणेश गायतोंडे का उनका किरदार सोशल मीडिया की दुनिया में चर्चा का विषय बन गया.

‘तलाश’ में उनके चोर के किरदार को भी भुलाया नहीं जा सकता. आज नवाजुद्दीन अपनी फिल्मोग्राफी के दम पर बेहतरीन एक्टर कहे जाते हैं। उनकी गिनती देश के बेहतरीन एक्टर्स में होती है. ओटीटी से लेकर बड़े पर्दे तक उनकी एक अलग पहचान है।

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