A फॉर अखिलेश, D फॉर डिंपल…UP में सपा नेता ने ‘PDA पाठशाला’ में बच्चों को पढ़ाई सियासी ABCD

0

अखिलेश यादव ने इस पहल को अपनी पार्टी की जीत बताया है. उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि ‘PDA पाठशाला’ की वजह से ही सरकार को स्कूलों के मर्जर का फैसला वापस लेना पड़ेगा. उन्होंने इसे भाजपा की नैतिक हार भी कहा है.

UP Politics: उत्तर प्रदेश की सियासत में इन दिनों एक नई ‘ABCD’ की खूब चर्चा हो रही है. यह चर्चा शुरू हुई है समाजवादी पार्टी की ‘PDA पाठशाला’ से, जहां बच्चों को आम अक्षरों की जगह राजनीतिक पाठ पढ़ाए जा रहे हैं.

क्या है यह ‘PDA पाठशाला’?

यह पाठशाला समाजवादी पार्टी के नेता फरहाद आलम ने सहारनपुर में शुरू की है. इसका मकसद सरकारी स्कूलों के मर्जर का विरोध करना है. इस पाठशाला में बच्चों को ‘A फॉर एप्पल’ की जगह ‘A फॉर अखिलेश’ और ‘D फॉर डॉग’ की जगह ‘D फॉर डिंपल’ पढ़ाया जा रहा है. इसके अलावा, ‘B’ से बाबासाहेब अंबेडकर, ‘C’ से चौधरी चरण सिंह और ‘M’ से मुलायम सिंह जैसे नाम भी शामिल हैं. इस पाठशाला का एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है, जिस पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं आ रही हैं.

क्या है ‘PDA’ का मतलब?

समाजवादी पार्टी के लिए ‘PDA’ का मतलब है ‘पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक’. यह एक राजनीतिक रणनीति है, जिसके जरिए पार्टी इन तीनों वर्गों को एक साथ लाकर उनके हितों की बात करती है. लोकसभा चुनाव के दौरान अखिलेश यादव ने इसी पीडीए के नैरेटिव से यूपी में बीजेपी को पटखनी दी थी.

यह भी पढ़ें: फ्री बिजली से लेकर दोगुनी तनख्वाह तक…ऐसे ही नहीं वादों की झड़ी लगा रहे हैं CM नीतीश, इस मास्टरस्ट्रोक के पीछे है मास्टरप्लान!

अखिलेश यादव का क्या कहना है?

अखिलेश यादव ने इस पहल को अपनी पार्टी की जीत बताया है. उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि ‘PDA पाठशाला’ की वजह से ही सरकार को स्कूलों के मर्जर का फैसला वापस लेना पड़ेगा. उन्होंने इसे भाजपा की नैतिक हार भी कहा है.

इस तरह, जहां एक तरफ शिक्षा का मुद्दा गरमाया हुआ है, वहीं दूसरी तरफ सियासत ने इस मुद्दे को एक नया रंग दे दिया है. अब देखना यह है कि यह ‘PDA पाठशाला’ यूपी की राजनीति में क्या असर दिखाती है.

Leave A Reply

Your email address will not be published.