बीएचयू में कार्यशाला का समापन, “ग्रामीण विकास में जीआईएस, जीपीएस और रिमोट सेंसिंग की तकनीकी सीखी
वाराणसी। बीएचयू के सामाजिक विज्ञान संकाय स्थित समन्वित ग्रामीण विकास केंद्र द्वारा आयोजित “ग्रामीण विकास में जीआईएस, जीपीएस और रिमोट सेंसिंग के अनुप्रयोग” विषयक कार्यशाला का समापन रविवार को हुआ। कार्यशाला में देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों जैसे इलाहाबाद विश्वविद्यालय, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय अमरकंटक, राजर्षि टंडन विश्वविद्यालय, पूर्वांचल विश्वविद्यालय, गोरखपुर विश्वविद्यालय, यच यन बी गढ़वाल विश्वविद्यालय, आईआईटी बीएचयू और बीएचयू से लगभग 60 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। प्रतिभागियों ने अर्थशास्त्र, भूगोल, कृषि, राजनीति शास्त्र और ग्रामीण विकास जैसे विषयों में भू-स्थानिक तकनीकों (जीआईएस, जीपीएस और रिमोट सेंसिंग) के उपयोग पर तकनीकी प्रशिक्षण प्राप्त किया।
कार्यशाला के मुख्य प्रशिक्षक प्रो. अमित कुमार (भूगोल विभाग, विज्ञान संस्थान, बीएचयू), डॉ. विनोद कुमार त्रिपाठी (फार्म इंजीनियरिंग, कृषि विज्ञान संस्थान) और सुभम दीक्षित (आईआईटी बीएचयू) रहे। इन्होंने प्रतिभागियों को हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग प्रदान की, जिससे ग्रामीण विकास में इन तकनीकों के व्यावहारिक अनुप्रयोगों को समझने में सहायता मिली।
समापन समारोह के मुख्य अतिथि प्रो. ए.के. नेमा, डीन, छात्र कल्याण, बीएचयू थे, जबकि प्रो. मृत्युंजय मिश्रा (अर्थशास्त्र विभाग) और यल बी पटेल विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ स्वागत, पुष्पांजलि और दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। डॉ. भूपेंद्र प्रताप सिंह, समन्वित ग्रामीण विकास केंद्र, ने स्वागत भाषण दिया। इसके बाद एक शोधार्थी और एक एमएआईआरडीएम छात्र ने कार्यशाला से प्राप्त अनुभव साझा किए, जिसमें जीआईएस और रिमोट सेंसिंग के व्यावहारिक उपयोग पर प्रकाश डाला गया।
डॉ. आलोक कुमार पांडेय, समन्वयक, समन्वित ग्रामीण विकास केंद्र, ने कार्यशाला की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने ग्रामीण योजनाओं के क्रियान्वयन और निगरानी में जीआईएस, जीपीएस और रिमोट सेंसिंग की महत्ता पर जोर दिया। प्रो. ए.के. नेमा ने अपने संबोधन में कार्यशाला की सराहना की और इसके महत्व को रेखांकित किया। प्रो. मृत्युंजय मिश्रा ने कहा कि सामाजिक विज्ञान में भू-स्थानिक तकनीकों की बहुविषयी उपयोगिता तेजी से बढ़ रही है।
कार्यक्रम का संचालन नित्यानंद तिवारी, छात्र परामर्शदाता (WBSC), ने किया। डॉ. मनोकामना राम, अर्थशास्त्र विभाग, ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। समापन समारोह में प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए और शोध छात्र उदित, अमित, निखिल, तनिष्का, निहाल सहित विशेषज्ञों का सम्मान किया गया।