CG Kidnapping Case: 7 लाख में बिकने वाला था 9 महीने का मासूम, दुर्ग पुलिस ने पटना से किया बरामद, 5 आरोपी गिरफ्तार

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हाइलाइट्स

  • दुर्ग पुलिस ने मासूम को बचाया

  • 7 लाख में बेचने की थी साजिश

  • रिश्तेदार समेत 5 आरोपी गिरफ्तार

CG Kidnapping Case: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में 9 महीने के मासूम के अपहरण का मामले ने पूरे प्रदेश को हिला दिया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए Patna Bihar से बच्चे को सकुशल बरामद किया और उसकी मां को सौंप दिया। इस मामले में 5 Accused Arrested हुए हैं, जिनमें पीड़िता की रिश्तेदार भी शामिल है।

रिश्तेदार निकली मासूम की सौदागर

जांच (CG Kidnapping Case) में पता चला कि पीड़िता की रिश्तेदार संगनी बाई और संतोष पाल ने मासूम को अपहरण कर 7 लाख रुपये में बेच दिया था (Child Trafficking)। रकम को आपस में बांट लिया गया। यह सौदा नालंदा जिला के एक डॉक्टर समेत अन्य आरोपियों के साथ हुआ।

घटना की शुरुआत से लेकर बरामदगी तक

20 जून 2025 को पीड़िता को रिश्तेदार ने फोन कर Koragav Kondagaon से पटना बुलाया। 8 जुलाई को लौटने के बहाने उसे Ara Railway Station ले जाया गया। रास्ते में Danapur Station पर खाना लाने के बहाने बच्चे को छीनकर आरोपी फरार हो गए।

25 जुलाई को दर्ज हुई FIR, पुलिस की तेजी से सफलता

पीड़िता ने 25 जुलाई को Mahila Thana Sector-6 Durg में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने सबसे पहले संगनी बाई को कोरगांव से पकड़ा। पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर Nalanda District के डॉक्टर बादल उर्फ मिथलेश, संतोष पाल, प्रदीप कुमार और गौरी महतो को गिरफ्तार किया।

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बच्चा मां की गोद में लौटा, आरोपियों को जेल भेजा गया

पुलिस ने आरोपी के कब्जे से मासूम को बरामद कर उसकी मां को सौंपा (Child Rescue)। सभी पांचों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में Judicial Custody भेज दिया गया है। इस ऑपरेशन के लिए दुर्ग पुलिस की पूरे प्रदेश में सराहना हो रही है।

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