शुगर पेशेंट्स के लिए चमत्कारिक नुस्खा – बासी रोटी खाकर ऐसे रखें डायबिटीज पर काबू

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डायबिटीज में कारगर हो सकता है बासी रोटी का नुस्खा

डायबिटीज यानी शुगर की समस्या आज के समय में बहुत आम हो चुकी है। लाखों लोग इसकी वजह से अपनी दिनचर्या और खानपान में बड़ी दिक्कत महसूस करते हैं। इस बीमारी का अब तक कोई स्थायी इलाज मौजूद नहीं है, लेकिन सही दवाइयों, नियमित एक्सरसाइज और संतुलित डाइट से इसे कंट्रोल किया जा सकता है। इसके अलावा कई घरेलू नुस्खे भी लोगों के बीच काफी चर्चित हैं।

बासी रोटी का अनोखा उपाय

रोटी तो हर भारतीय परिवार में रोजाना बनती है। आमतौर पर डायबिटीज के मरीजों को रोटी-चावल जैसी चीजें सीमित मात्रा में खाने की सलाह दी जाती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि 12-15 घंटे पुरानी यानी बासी रोटी आपके लिए फायदेमंद हो सकती है? खासकर अगर इसे सही तरीके से खाया जाए।

कैसे खानी चाहिए बासी रोटी?

सुबह के समय आप एक बासी रोटी लें और इसे ठंडे (रूम टेम्परेचर वाले) बिना मलाई के दूध में मसलकर डाल दें। इस मिश्रण को करीब 15-20 मिनट तक छोड़ दें और उसके बाद खाएं। चाहें तो इसे सब्जी के साथ भी खा सकते हैं। माना जाता है कि इस तरीके से शुगर लेवल अचानक नहीं बढ़ता और शरीर को धीरे-धीरे ऊर्जा मिलती है।

इसके पीछे की वजह

जब रोटी कई घंटों तक हवा के संपर्क में रहती है तो उसमें मौजूद स्टार्च की संरचना बदल जाती है और वह रेसिस्टेंट स्टार्च में बदलने लगता है। यह स्टार्च तुरंत ग्लूकोज में परिवर्तित नहीं होता। इस वजह से ब्लड शुगर का लेवल तेजी से ऊपर नहीं जाता और डायबिटीज कंट्रोल करने में मदद मिलती है।

बीपी के मरीजों को भी लाभ

दिलचस्प बात यह है कि यह उपाय सिर्फ शुगर कंट्रोल करने में ही नहीं, बल्कि हाई ब्लड प्रेशर को संतुलित करने में भी मददगार माना जाता है। यानी एक ही नुस्खा दो समस्याओं को मैनेज करने में सहायक हो सकता है।

कौन सी रोटी बेहतर रहेगी?

अगर आप ताजी रोटी खाना चाहें तो गेहूं की बजाय ज्वार, बाजरा, मक्का, रागी या चने के आटे से बनी रोटी ज्यादा हेल्दी मानी जाती है। इनमें खासकर ज्वार सबसे फायदेमंद है, क्योंकि इसमें भरपूर मात्रा में फाइबर, मैग्नीशियम और प्रोटीन होता है, जो ब्लड शुगर को प्राकृतिक तरीके से बैलेंस करने में मदद करता है।


⚠️ नोट: यह जानकारी इंटरनेट और परंपरागत घरेलू नुस्खों पर आधारित है। इसे अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या डायटिशियन से सलाह जरूर लें। यह डायबिटीज को पूरी तरह खत्म करने का उपाय नहीं है, बल्कि मैनेज करने का एक सहायक तरीका हो सकता है।

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