दुर्गाकुंड मंदिर में 20 अगस्त से होगा सात दिवसीय श्रृंगार महोत्सव, दिग्गज कलाकार अर्पित करेंगे सुरांजलि
वाराणसी। मां कूष्मांडा के चरणों में संगीतांजलि अर्पित करने के लिए इस वर्ष भी दुर्गा मंदिर, दुर्गाकुण्ड में सात दिवसीय श्रृंगार महोत्सव और संगीत समारोह का आयोजन 20 अगस्त से 26 अगस्त तक किया जाएगा। इस भव्य आयोजन में देश भर के ख्यातिप्राप्त कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देकर मां कूष्मांडा की भक्ति में लीन होंगे।
मंदिर के पुजारी सोनू झा ने बताया कि इस आयोजन के दौरान मां कूष्मांडा का प्रतिदिन अलग-अलग राजर्षि श्रृंगार किया जाएगा। साथ ही, देश के नामी-गिरामी कलाकार मां के चरणों में अपनी संगीतांजलि अर्पित करेंगे। मंदिर के महंत पण्डित कौशलपति द्विवेदी ने बताया कि इस बार का महोत्सव विशेष होगा, जिसमें पद्मभूषण और पद्मश्री जैसे सम्मान प्राप्त कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे।
शास्त्रीय और लोक संगीत का संगम
कार्यक्रम संयोजक पण्डित विश्वजीत दुबे ने बताया कि इस बार के सात दिवसीय आयोजन को दो भागों में बांटा गया है। पहले तीन दिन शास्त्रीय संगीत की धारा बहेगी, जबकि अगले चार दिन लोक संगीत की अमृतधारा प्रवाहित होगी।

शास्त्रीय संगीत के कार्यक्रम
पहला दिन : पद्मभूषण पं. साजन मिश्रा और स्वरांश मिश्रा का शास्त्रीय गायन, प्रो. राजेश साह का सितार वादन, देवाशीष डे का गायन, और कमला शंकर का गिटार वादन।
दूसरा दिन : पद्मश्री पं. रोनू मजूमदार और ऋषिकेश मजूमदार का बाँसुरी वादन, विशाल कृष्ण का कथक नृत्य।तीसरा दिन: केडिया बंधुओं की सितार-सरोद जुगलबंदी, पं. राजेन्द्र प्रसन्ना और राजेश प्रसन्ना का बाँसुरी वादन, पं. देवव्रत मिश्रा का सितार वादन। इसके अतिरिक्त, लगभग 20 अन्य कलाकार और 40 सहयोगी कलाकार भी अपनी प्रस्तुतियां देंगे।
लोक संगीत के चार दिन : लोक संगीत के कार्यक्रम में सांसद मनोज तिवारी, भरत शर्मा व्यास, महुआ बनर्जी, अरविंद अकेला कल्लू, गोपाल राय, आर्यन बाबू सहित 80 भजन गायक माँ की भक्ति में भजनों की प्रस्तुति देंगे।

शहनाई से शुभारंभ, भजन संध्या से समापन
संगीत समारोह का शुभारंभ 20 अगस्त को शहनाई वादन के साथ होगा, जबकि समापन 26 अगस्त को त्रिदेव मंदिर सेवक परिवार द्वारा आयोजित भजन संध्या के साथ होगा।
माँ का दरबार सजाने में कोलकाता के कारीगर
महंत कौशलपति द्विवेदी ने बताया कि इस बार मां का दरबार सातों दिन दिव्य राजर्षि श्रृंगार से सजाया जाएगा। मंदिर की सजावट के लिए कोलकाता से विशेष कारीगर आए हैं, जो माँ के धाम को अनुपम और भव्य रूप प्रदान कर रहे हैं। मुख्य मण्डप को आकर्षक सजावट से सुसज्जित किया गया है, और सम्पूर्ण मंदिर को विद्युत झालरों से अलंकृत किया गया है।

अखण्ड भंडारे का आयोजन
महोत्सव के अंतिम दिन 26 अगस्त को विशाल अखण्ड भंडारे का आयोजन होगा, जिसमें हजारों भक्त मां का प्रसाद ग्रहण करेंगे। यह आयोजन मां कूष्मांडा के प्रति भक्तों की आस्था और भक्ति को और सुदृढ़ करेगा।