Diplomatic Mission Against Terrorism: भारत का डिप्लोमैटिक स्ट्राइक, Bihar JDU Leader Sanjay Kumar Jha होंगे Pakistan के खिलाफ भारत की आवाज़, करेंगे Pak को विश्वभर में बेनकाब

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 ब्यूरो रिपोर्ट। 26 लोगों की शहादत के बाद भारत ने की थी एयर स्ट्राइक, अब राजनयिक स्ट्राइक। भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कूटनीतिक वार छेड़ दिया है! 7 सांसदों का सर्वदलीय प्रतिनिधि मंडल दुनिया भर के 20 देशों का दौरा करेगा। जदयू के वरिष्ठ नेता सांसद संजय झा जापान, सिंगापुर, साउथ कोरिया को ब्रीफ करेंगे – पाकिस्तान की पोल खोलेंगे। केंद्र के ऑल पार्टी डेलिगेशन में जदयू नेता संजय कुमार झा भी शामिल हैं। 23 मई से 10 दिन की विदेश यात्रा पर दल रवाना होगा। बिहार समेत संपूर्ण मिथिलांचल के लिए गर्व का पल, सम्मान का पल।

सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल में संजय कुमार झा को मिली अहम जिम्मेदारी

केंद्र सरकार ने भारत-पाकिस्तान संघर्ष और पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक समर्थन जुटाने के लिए एक 7 सदस्यीय सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल (All-Party Delegation) का गठन किया है।

इसमें जनता दल यूनाइटेड (JDU) के नेता और वरिष्ठ सांसद संजय कुमार झा को शामिल किया गया है, जो जापान, सिंगापुर, दक्षिण कोरिया, मलेशिया और इंडोनेशिया का दौरा करेंगे।

राजनयिक स्तर पर पाकिस्तान को घेरने की रणनीति

भारत ने आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत अब कूटनीतिक मोर्चे पर कार्रवाई शुरू कर दी है। यह प्रतिनिधिमंडल दुनियाभर की राजधानियों में जाकर भारत का पक्ष रखेगा और पाकिस्तान को आतंक के समर्थन के लिए बेनकाब करेगा।हर प्रतिनिधिमंडल 4-5 देशों का दौरा करेगा जिसमें सांसदों के साथ वरिष्ठ राजनयिक भी शामिल होंगे।

किन-किन नेताओं को दी गई जिम्मेदारी?

नेता पार्टी संभावित देश
शशि थरूर कांग्रेस अमेरिका (अत्यंत अहम मिशन)
रविशंकर प्रसाद भाजपा सऊदी अरब, कुवैत, बहरीन, अल्जीरिया
सुप्रिया सुले राकांपा ओमान, केन्या, दक्षिण अफ्रीका, मिस्त्र
संजय कुमार झा जदयू जापान, सिंगापुर, दक्षिण कोरिया, मलेशिया, इंडोनेशिया

कांग्रेस के सुझाए गए नामों को दरकिनार कर शशि थरूर पर भरोसा

कांग्रेस ने आनंद शर्मा, गौरव गोगोई, सैयद नसीर हुसैन और राजा बरार के नाम सुझाए थे। लेकिन केंद्र सरकार ने केवल शशि थरूर को चुना और उन्हें नेतृत्व की जिम्मेदारी दी।यह दिखाता है कि केंद्र इस मिशन को लेकर राजनीति से ऊपर उठकर चयन कर रही है।

ऑपरेशन सिंदूर की पृष्ठभूमि: क्यों जरूरी है ये डिप्लोमैटिक मिशन?

22 अप्रैल को पहलगाम आतंकी हमला जिसमें 26 लोग मारे गए। इसके बाद भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान और PoK में आतंकी ठिकानों पर एयर स्ट्राइक की।100 से अधिक आतंकी मारे गए। अब भारत चाहता है कि यह बात वैश्विक स्तर पर रखी जाए।

23 मई से 10 दिन की यात्रा, टोक्यो से वाशिंगटन तक मिशन

यह डिप्लोमैटिक स्ट्राइक 23 मई से शुरू होकर 10 दिन चलेगी। वाशिंगटन, लंदन, अबू धाबी, प्रिटोरिया, टोक्यो जैसे प्रमुख देशों में भारत की नीति का प्रचार किया जाएगा।उद्देश्य: पाकिस्तान को अलग-थलग करना और भारत के खिलाफ झूठे नैरेटिव को तोड़ना।

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