Gariaband Collector Gate Closed: गरियाबंद कलेक्टर ने बंद किया कलेक्ट्रेट का गेट, कहा- अब बर्दाश्त नहीं होगी लेटलतीफी

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हाइलाइट्स 

  • कलेक्टर ने खुद किया गेट बंद

  • देर से आए अफसर रहे बाहर

  • अगली बार होगी कड़ी कार्रवाई

Gariaband Collector Gate Closed: सरकारी दफ्तरों में समय की पाबंदी को लेकर गरियाबंद कलेक्टर भगवान सिंह उईके ने सख्त रुख अपनाया है। सोमवार सुबह उन्होंने खुद कलेक्टोरेट का मुख्य गेट बंद करवा दिया, ताकि देर से आने वाले अधिकारी और कर्मचारी बाहर ही रह जाएं। इस दौरान दफ्तर का नज़ारा बिल्कुल अलग था। कई कर्मचारी गेट पर खड़े होकर अंदर जाने की जुगत लगाते दिखे।

30 से अधिक कर्मचारी पहुंचे देर से, नोटिस की तैयारी शुरू

Gariaband Collector Bhagwan Singh Uikey
गरियाबंद कलेक्टर भगवान सिंह उईके

कलेक्टर के इस कदम से दफ्तर में हड़कंप मच गया। जानकारी के मुताबिक़ 30 से ज़्यादा अधिकारी और कर्मचारी समय पर उपस्थित नहीं हुए। इनकी सूची तैयार कर ली गई है और जल्द ही नोटिस जारी किए जाएंगे। कर्मचारियों की उपस्थिति की पुष्टि के लिए इलेक्ट्रॉनिक अटेंडेंस मशीन से भी आंकड़े जुटाए जा रहे हैं।

पहले भी दी थी चेतावनी, इस बार खुद पहुंचे गेट पर

कलेक्टर उईके पहले भी लेटलतीफ अफसरों को लेकर नाराज़गी जता चुके हैं। कई बार उन्होंने औचक निरीक्षण कर देर से आने वालों को नोटिस थमाए थे, लेकिन हालात में सुधार नहीं दिखा। सोमवार को उन्होंने गेट पर खड़े होकर खुद निगरानी की और ठीक सुबह 10:30 बजे गेट बंद करा दिया। इस दौरान कई अधिकारी-कर्मचारी दफ्तर से बाहर ही रह गए।

“समय का पालन करें, वरना होगी सख्त कार्रवाई”- कलेक्टर उईके

कलेक्टर ने साफ शब्दों में कहा कि यह देर से आने वालों के लिए अंतिम चेतावनी है। यदि आगे भी समय की पाबंदी नहीं दिखाई गई तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। उनका कहना है कि सरकारी कामकाज में समय पर उपस्थिति बेहद जरूरी है, क्योंकि जनता का काम लटकना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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समय के पाबंद माने जाते हैं कलेक्टर

भगवान सिंह उईके खुद समय के पाबंद माने जाते हैं। वह रोजाना सुबह 10 से 10:30 बजे के बीच दफ्तर पहुंचते हैं। बावजूद इसके, कई विभागों के अधिकारी और कर्मचारी देर से आने की आदत से बाज नहीं आ रहे थे। यही वजह है कि इस बार उन्होंने गेट बंद करने जैसा बड़ा कदम उठाया।

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