गया का पितृपक्ष मेला तीर्थयात्रियों के लिए होगा खास! ठहरने और पिंडदान करने से पहले जानें ये जरूरी बातें, नहीं होगी परेशानी
हर साल की तरह इस पितृपक्ष मेला 6 सितंबर से 12 सितंबर तक बिहार के गया में आयोजित होगा। इस दौरान देश-विदेश से श्रद्धालु इस मेले में सम्मिलित होंगे और अपने पितरों की आत्मा की शांति के लिए तर्पण और पिंडदान करेंगे।पितृ पक्ष को हिंदू धर्म में एक महत्वपूर्ण पर्व माना गया है। पितृपक्ष के दौरान परिवार वाले अपने पितरों की आत्मा की शांति के लिए तर्पण करते हैं। इस दौरान हर साल की तरह इस साल भी पितृपक्ष मेला लगने वाला है। पितृपक्ष मेला 6 सितंबर से 12 सितंबर तक बिहार के गया में आयोजित होगा। इस दौरान देश-विदेश से श्रद्धालु इस मेले में सम्मिलित होंगे और अपने पितरों की आत्मा की शांति के लिए तर्पण और पिंडदान करेंगे।
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पितृ पक्ष मेले की तैयारियां
जानकारी के मुताबिक हर साल की तरह इस साल भी पितृ पक्ष मेले की तैयारियां जोरो-शोरो से चल रही है। गया कि प्रशासन ने मेला क्षेत्र को 43 जोन में बंटा है। हर क्षेत्र में साफ सफाई, बिजली, पानी जैसी व्यवस्था की गई है। यही नहीं इनक्षेत्रों मेंअलग-अलग जगह अधिकारियों को भी ड्यूटी लगाई है।

धर्मशाला के आवेदन
गया में कुछ लोग बाहर से आने वाले लोगों के लिए अपने घर के कमरे और धर्मशाला भी दे रहे हैं, ताकि तीर्थ यात्रियों को कोई समस्या ना हो। जानकारी मिली है, कि अभी तक कुल 134 घर और 525 धर्मशाला के आवेदन सरकार तक पहुंच गए हैं। सरकार इन्हें लाइसेंस देने से पहले कड़ी जांच करेगी। उसके बाद आम जनता इन धर्मशाला और घरों में रह सकती है।
विष्णुपद मंदिर के पास बनाया कंट्रोल रूम
यही नहीं गया के विष्णुपद मंदिर के पास एक कंट्रोल रूम भी बनाया गया है, जो 24 घंटे खुला रहेगा। इस कंट्रोल रूम से सभी तीर्थ यात्री जानकारी और सुविधाएं हासिल कर सकते हैं। यही नहीं सरकार की तरफ से कुछ नंबर भी जारी किए गए हैं, जिन पर संपर्क कर आप जानकारी ले सकते हैं। इन 9266628168 और 06312222500 पर संपर्क कर सकते हैं।

टेंट सिटी का निर्माण
जानकारी है, कि गया जिला प्रशासन द्वारा टेंट सिटी का निर्माण भी किया गया है, जिसमें बाहर से आने वाले तीर्थ यात्री ठहर सकते हैं। यह टेंट सिटी गया के गांधी मैदान में बनाई गई है। यहां शौचालय, स्नानग्रह, पेयजल जैसी कई सुविधा भी सरकार देने को तैयार है। हालांकि यह सभी जानकारी सूत्रों से मिली है, हरजिन्दगी इसकी पुष्टि नहीं करता है।