डोंगरगढ़ के पोस्ट ऑफिस में 3 करोड़ की कथित हेराफेरी: सैकड़ों ग्रामीण सड़क पर उतरे, ब्रांच मैनेजर पर गबन का आरोप
Dongargarh Post Office Scam: छत्तीसगढ़ के डोंगरगढ़ ब्लॉक में स्थित जटकन्हार पोस्ट ऑफिस (Jatkannhar Post Office) में करोड़ों रुपये की कथित हेराफेरी का मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। सोमवार को सैकड़ों ग्रामीण डोंगरगढ़ मुख्य डाकघर (Dongargarh Head Post Office) पहुंच गए और जोरदार प्रदर्शन किया। लोगों ने सड़क पर बैठकर नारेबाजी की और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
ग्रामीणों का आरोप है कि पोस्ट ऑफिस के ब्रांच मैनेजर ने उनकी जीवन भर की जमा पूंजी में सेंध लगा दी है।
बचत खातों से लाखों रुपये गायब
प्रदर्शन कर रहे खाताधारकों का कहना है कि उनकी बचत खातों में जमा राशि या तो पूरी तरह गायब है या पासबुक में दर्ज रकम से बहुत कम दिखाई दे रही है। कुछ ग्रामीणों ने जब अपने खातों की ऑनलाइन जांच कराई, तो सरकारी रिकॉर्ड में बैलेंस शून्य या बेहद कम मिला।
ग्रामीणों के अनुसार, पासबुक में लाखों रुपये की एंट्री है, लेकिन सिस्टम में राशि नहीं दिख रही। प्रारंभिक अनुमान के मुताबिक, यह घोटाला लगभग 3 करोड़ रुपये तक का हो सकता है।
किसान और मजदूर सबसे ज्यादा प्रभावित
इस कथित घोटाले से सबसे अधिक प्रभावित गरीब किसान और मजदूर बताए जा रहे हैं। किसी ने जमीन बेचकर मिली रकम पोस्ट ऑफिस में जमा की थी, तो किसी ने बेटी की शादी के लिए सालों तक पैसे जोड़े थे। अब जब उन्हें अपनी मेहनत की कमाई नहीं मिल रही, तो उनका गुस्सा स्वाभाविक है।
एक पीड़ित ग्रामीण ने कहा, “हमने अपनी मेहनत की कमाई सरकारी संस्था में सुरक्षित समझकर जमा की थी। अगर यहां भी पैसा सुरक्षित नहीं है, तो हम कहां जाएं?”
ब्रांच मैनेजर पर आरोप, कई दिनों से लापता
ग्रामीणों ने इस पूरे मामले में ब्रांच मैनेजर आशीष मंडावी (Ashish Mandavi) पर सीधे आरोप लगाए हैं। बताया जा रहा है कि मामले की भनक लगते ही वह कई दिनों से गायब हैं। उनका लापता होना ग्रामीणों के संदेह को और मजबूत कर रहा है।
हालांकि डाक विभाग (Postal Department) की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
विशेष ऑडिट और एफआईआर की मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन से जटकन्हार पोस्ट ऑफिस के सभी खातों की विशेष ऑडिट कराने की मांग की है। साथ ही आरोपियों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तारी की भी मांग की जा रही है। प्रदर्शन के दौरान स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है।
स्थानीय प्रशासन ने जांच का आश्वासन दिया है, लेकिन जब तक ग्रामीणों की जमा राशि सुरक्षित वापस नहीं होती, उनका आंदोलन जारी रहने की चेतावनी दी गई है।