भारी बारिश के बीच लाटभैरव रामलीला में हुआ शूर्पणखा नासिका छेदन का मंचन, कल विश्वेश्वरगंज से निकलेगी भव्य शोभायात्रा
वाराणसी। काशी की प्राचीन सांस्कृतिक परंपराओं में श्री लाटभैरव रामलीला का विशेष स्थान है। वरुणा संगम स्थित सरैया क्षेत्र में चल रही इस रामलीला में रविवार की रात भगवान श्रीराम कथा का अद्भुत प्रसंग शूर्पणखा नासिका छेदन का मंचन प्रस्तुत किया गया। श्री लक्ष्मण जी द्वारा शूर्पणखा की नाक काटने के इस दृश्य ने उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
लीला का यह मनोहारी दृश्य देखते ही क्षेत्रवासी और रामभक्त भावविभोर हो उठे। भारी वर्षा के बावजूद भक्तों का उत्साह कम नहीं हुआ। बारिश के बीच भी मंचन चलता रहा और श्रद्धालु छतरियों व बरसात से बचाव के अन्य साधनों के बीच कथा का आनंद लेते रहे। इस दौरान पूरा वातावरण “जय श्रीराम” के उद्घोष से गूंज उठा।

श्री लाटभैरव रामलीला समिति से जुड़े पदाधिकारियों ने बताया कि यह लीला काशी की अनूठी परंपरा का जीवंत प्रतीक है। यहां केवल मंचन ही नहीं, बल्कि लोक आस्था और भक्ति का गहरा संगम देखने को मिलता है।

कल होगी नक्कटैया, निकलेगी शोभायात्रा
रामलीला की परंपरा के तहत सोमवार को प्रसिद्ध नक्कटैया शोभायात्रा निकाली जाएगी। यह शोभायात्रा विशेश्वरगंज से प्रारंभ होकर कतुआपुरा, अम्बिया मंडी, हनुमान फाटक, तेलियाना, जलालीपुरा होते हुए सरैया स्थित लीला स्थल पर पहुंचेगी, जहां इसका समापन होगा।
नक्कटैया यात्रा में भगवान के जयकारों, पारंपरिक वाद्ययंत्रों और आकर्षक झांकियों के साथ भक्तों का उल्लास देखने लायक होगा। काशीवासी इस अद्भुत आयोजन को देखने के लिए बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, क्योंकि यह परंपरा केवल धार्मिक ही नहीं बल्कि काशी की लोक-संस्कृति और सामाजिक सद्भाव की भी अमूल्य धरोहर है।