हरियाणा में फैमिली आई को लेकर बड़ा अपडेट, AI की मदद से जोड़ा जाएगा ये सब डाटा
हरियाणा सरकार अब ‘परिवार पहचान पत्र’ (PPP) को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक से जोड़ने की तैयारी में है। इसका उद्देश्य प्रदेश के प्रत्येक परिवार की वास्तविक आय और आर्थिक स्थिति का सटीक आकलन करना है। इस दिशा में दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित इंटरनेशनल AI मेले में हरियाणा परिवार पहचान पत्र प्राधिकरण की टीम ने विशेषज्ञों के साथ विस्तृत चर्चा की।
Parivar Pehchan Patra Authority Haryana के स्टेट कोऑर्डिनेटर सतीश खोला ने बताया कि सरकार 2026 के अंत तक इस परियोजना को लागू करने की योजना बना रही है।
PPP से जुड़ेगा परिवार का पूरा वित्तीय डाटा
Parivar Pehchan Patra (PPP) को पहले से ही हरियाणा में सरकारी योजनाओं का मुख्य दस्तावेज माना जाता है। अब AI की मदद से परिवार के सभी सदस्यों का विस्तृत आर्थिक रिकॉर्ड एक ही प्लेटफॉर्म पर जोड़ा जाएगा।
सरकार की योजना के अनुसार निम्न जानकारियां PPP से लिंक की जाएंगी:
इन सभी डाटा के आधार पर परिवार की “वर्थ वैल्यू” यानी वास्तविक आर्थिक स्थिति तय की जाएगी।
आय और प्रॉपर्टी की गलतियों पर लगेगा विराम
सरकार का कहना है कि कई बार आय, संपत्ति, उम्र और नाम से जुड़ी त्रुटियों के कारण पात्र परिवार योजनाओं से वंचित रह जाते हैं, जबकि अपात्र लोग लाभ उठा लेते हैं। हाल ही में सामने आए पेंशन विवाद को भी इसी समस्या से जोड़ा गया था।
AI तकनीक के जरिए इन विसंगतियों को दूर कर सही पात्रता तय करने में मदद मिलेगी। इससे सरकारी योजनाओं का लाभ वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुंच सकेगा।
AI मेले में विशेषज्ञों से मंथन
दिल्ली स्थित Bharat Mandapam में आयोजित AI मेले में 10 से 12 विशेषज्ञों के साथ इस विजन पर गहन चर्चा की गई। सतीश खोला के अनुसार पूरी रिपोर्ट तैयार कर मुख्यमंत्री को सौंपी जाएगी। आगे की प्रक्रिया मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुसार तय होगी, जिसमें विशेषज्ञों की प्रस्तुति और तकनीकी क्रियान्वयन शामिल होगा।
बच्चों की फीस और लग्जरी खर्च भी जुड़ेगा वर्थ वैल्यू में
नई प्रणाली में परिवार की आर्थिक स्थिति का आकलन करते समय बच्चों की स्कूल फीस को भी जोड़ा जाएगा। उदाहरण के तौर पर यदि कोई परिवार हर महीने 10,000 रुपये फीस देता है, तो सालाना 1.20 लाख रुपये उसकी वर्थ वैल्यू में जोड़े जाएंगे।
इसी तरह लग्जरी जीवनशैली पर होने वाले खर्च का भी AI विश्लेषण करेगा, जिससे परिवार की वास्तविक आर्थिक क्षमता सामने आ सके।
बैंक लोन लेने वालों को मिल सकता है फायदा
सरकार का कहना है कि जिन परिवारों ने घर बनाने या आजीविका चलाने के लिए बैंक लोन लिया है, उन्हें इस नई प्रणाली से लाभ मिल सकता है। परिवार के किसी सदस्य के खाते से कटने वाली EMI की राशि वर्थ वैल्यू से घटाई जाएगी, जिससे उनकी वास्तविक आर्थिक स्थिति का संतुलित आकलन हो सके।
2026 तक लागू करने की तैयारी
सरकार का लक्ष्य है कि 2026 के अंत तक PPP को AI से पूरी तरह जोड़ दिया जाए। इससे सिस्टम अधिक पारदर्शी, सटीक और तकनीकी रूप से उन्नत होगा।
यदि यह योजना सफल होती है तो हरियाणा देश का पहला ऐसा राज्य बन सकता है, जहां परिवार आधारित डाटा प्रबंधन में AI का व्यापक उपयोग किया जाएगा।