सौर ऊर्जा की रोशनी से जगमग होगा कैंट रेलवे स्टेशन, हर माह 7 लाख की होगी बचत
वाराणसी। कैंट रेलवे स्टेशन अब सौर ऊर्जा की रोशनी के जगमग होगा। यहां करीब 2800 सोलर पैनल लगाए जा रहे हैं, जिनसे लगभग 703 किलोवाट सौर ऊर्जा का उत्पादन होगा। इस परियोजना के पूरा होने के बाद बिजली पर निर्भरता कम होगी। वहीं हर माह लगभग सात लाख रुपये बिजली बिल की बचत होगी।

30 सितंबर तक पूरा होगा काम
स्टेशन डायरेक्टर अर्पित गुप्ता ने बताया कि वर्ष 2015-16 में स्टेशन पर एक मेगावाट क्षमता के सोलर पैनल स्थापित किए गए थे। लेकिन 2022-23 में यार्ड रिमाडलिंग कार्य के दौरान इन्हें हटा दिया गया था। अब इन्हीं पैनलों को दोबारा स्थापित करने का काम तेजी से किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि पैनल लगाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और इन्हें 30 सितंबर तक पूरी तरह चालू कर दिया जाएगा।

घटेगी बिजली पर निर्भरता
इस पहल से रेलवे को कई स्तर पर लाभ मिलेगा। पहला, स्टेशन की बिजली खपत में भारी कमी आएगी। दूसरा, स्टेट से खरीदी जाने वाली महंगी बिजली पर निर्भरता घटेगी। अनुमान है कि सौर ऊर्जा के उपयोग से हर महीने लगभग सात लाख रुपये की बचत होगी। तीसरा और सबसे महत्वपूर्ण फायदा होगा प्रदूषण में कमी, क्योंकि सौर ऊर्जा पूरी तरह पर्यावरण अनुकूल है।

लगाए जाएंगे 6 हाईमास्ट टॉवर
यात्रियों की सुविधा और स्टेशन परिसर में बेहतर प्रकाश व्यवस्था के लिए रेलवे प्रशासन द्वारा 6 हाईमास्ट टॉवर भी लगाए जा रहे हैं। इनमें से कुछ द्वितीय द्वार और तृतीय द्वार पर, जबकि अन्य सिक लाइन और वाशिंग लाइन के पास लगाए जाएंगे। इससे रात में भी पूरे परिसर में पर्याप्त रोशनी रहेगी।

80 बैरिकेड्स से भीड़ नियंत्रण में मिलेगी मदद
स्टेशन डायरेक्टर ने बताया कि महाकुंभ के दौरान भीड़ बढ़ी तो स्टेशन परिसर में बैरिकेड्स को और बेहतर करने की आवश्यकता महसूस की गई थी। इसको देखते हुए 80 बैरिकेड्स की डिमांड तैयार कर आलमबाग वर्कशॉप स्टेशन को भेजी गई थी। इसे स्वीकृत कर लिया गया था। बैरिकेड्स बनकर तैयार हो गए हैं। इनमें 12 बैरिकेड्स की पहली खेप वाराणसी जंक्शन पर पहुंच भी चुकी है। इससे भीड़ नियंत्रण और पुलिसिंग में मदद मिलेगी।


