हाइलाइट्स
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दो दिन झमाझम बारिश संभव
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कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट
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10 अक्टूबर बाद विदाई संकेत
CG Weather Update : छत्तीसगढ़ में मानसूनी बादल एक बार फिर सक्रिय हो गए हैं और प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश ने दस्तक दे दी है। मौसम विभाग ने 2 अक्टूबर से अगले दो दिनों तक प्रदेशभर में बारिश की गतिविधियों में तेज़ी आने की संभावना जताई है। खासकर दक्षिणी जिलों में मेघगर्जन, वज्रपात और भारी वर्षा की चेतावनी के साथ ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया गया है। राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में शुक्रवार और शनिवार को गरज-चमक के साथ बारिश जारी रहने की संभावना है।

अगले 48 घंटों में झमाझम बारिश का दौर
प्रदेश में एक बार फिर मानसून पूरी ताक़त के साथ लौट आया है। मौसम विभाग ने बताया है कि बंगाल की खाड़ी में बना गहरा अवदाब उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर तेजी से बढ़ रहा है, जिसका सीधा असर छत्तीसगढ़ के मौसम पर पड़ रहा है। इस प्रणाली के चलते 2 से 4 अक्टूबर तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश तो होगी ही, साथ ही कुछ स्थानों पर भारी से अति भारी वर्षा की भी संभावना जताई गई है।
रायपुर, बिलासपुर, कोरबा, बस्तर, दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर, कांकेर, धमतरी, महासमुंद, जांजगीर-चांपा जैसे जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, रायगढ़, पेंड्रारोड, सूरजपुर, कोरिया और सरगुजा में येलो अलर्ट की स्थिति बनी हुई है। यह अलर्ट अगले 24 से 48 घंटे तक प्रभावी रहेगा।
बादलों की गड़गड़ाहट के साथ बारिश के आसार
रायपुर में शुक्रवार सुबह से ही बादलों की आवाजाही बनी रही। मौसम विभाग ने पूर्वानुमान जारी करते हुए बताया है कि 3 अक्टूबर को राजधानी का मौसम सामान्यतः मेघमय रहेगा और देर शाम से रात्रि के बीच गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 24 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है।
गुरुवार को राजधानी में अधिकतम तापमान 31.5 डिग्री दर्ज किया गया जो सामान्य से लगभग एक डिग्री कम था, जबकि न्यूनतम तापमान 23.5 डिग्री रहा। वहीं, प्रदेश में सबसे अधिक तापमान 33 डिग्री के साथ राजनांदगांव में और सबसे कम तापमान 19.6 डिग्री पेण्ड्रा रोड में दर्ज किया गया।

कई जिलों में 5 सेमी तक वर्षा
पिछले 24 घंटों के भीतर छत्तीसगढ़ के लगभग सभी संभागों में बारिश दर्ज की गई। पखांजूर में सबसे अधिक 6 सेमी बारिश रिकॉर्ड हुई। इसके अलावा गीदम, छिंदगढ़, कुटरू, बलरामपुर और डौंडी जैसे इलाकों में 4 से 5 सेमी तक वर्षा दर्ज की गई है। मौसम विभाग के अनुसार यह सिलसिला अभी थमने वाला नहीं है।
10 अक्टूबर के बाद मौसम में बदलाव के संकेत
मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि वर्तमान में जो मौसम प्रणाली सक्रिय है, वह 5 से 10 अक्टूबर के बीच बादल तो बनाए रखेगी लेकिन भारी बारिश की स्थिति धीरे-धीरे कम हो जाएगी। इसके बाद प्रदेश में हवा की दिशा में बदलाव होगा। जब पश्चिमी या दक्षिण-पश्चिमी दिशा की जगह पूर्वोत्तर दिशा से हवाएं बहनी शुरू होंगी, तब मानसून की विदाई संभव मानी जा रही है।
इससे पहले अगले एक सप्ताह तक छत्तीसगढ़ में मानसून का असर स्पष्ट रूप से देखा जा सकेगा। हालांकि 10 अक्टूबर के बाद धीरे-धीरे तापमान में हल्की बढ़ोतरी और नमी में कमी देखने को मिलेगी, जिससे यह अनुमान लगाया जा रहा है कि इसी अवधि के बाद प्रदेश में मानसून का समापन होगा।

गांव से शहर तक सतर्कता जरूरी
मौसम विभाग ने आम जनता से अपील की है कि भारी वर्षा की चेतावनी को गंभीरता से लें। खासकर जिन जिलों में ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया गया है, वहां लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है। बिजली गिरने, जलभराव और पेड़ों के गिरने जैसी घटनाओं से बचाव के लिए आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
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अभी और बरसेगा छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ में इस बार मानसून जाते-जाते एक बार फिर सक्रिय हो गया है और आगामी दो दिनों तक बारिश की रफ्तार थमने वाली नहीं है। यह दौर सिर्फ मौसम को ठंडक ही नहीं देगा, बल्कि किसानों के लिए भी राहत का संकेत है। हालांकि भारी बारिश की संभावना को देखते हुए प्रशासन और आमजन को पूरी सतर्कता बरतनी होगी। 10 अक्टूबर के बाद ही मौसम में स्थायी बदलाव की उम्मीद की जा सकती है।
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