कांकेर जिले में धर्मांतरण विवाद ने फिर लिया हिंसक रूप: पुसागांव में धर्मांतरित परिवारों के घरों में तोड़फोड़, गांव में भारी पुलिस बल तैनात

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Kanker Conversion Dispute: छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में धर्मांतरण को लेकर उपजा विवाद एक बार फिर हिंसक रूप में सामने आया है। जिले से करीब 30 किलोमीटर दूर स्थित पुसागांव क्षेत्र में धर्मांतरित परिवारों के घरों में तोड़फोड़ की घटना ने पूरे इलाके में तनाव फैला दिया है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे माहौल और अधिक संवेदनशील हो गया है।

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घरों में घुसकर की गई तोड़फोड़

जानकारी के अनुसार, बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने एकजुट होकर पुसागांव में करीब 10 घरों में प्रवेश किया और लाठी-डंडों से जमकर तोड़फोड़ की। आरोप है कि ये सभी घर उन परिवारों के थे, जिन्होंने कुछ समय पहले धर्मांतरण किया था। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने पहले इन परिवारों के साथ बैठक कर बातचीत की थी और उन्हें अपने मूल धर्म में लौटने के लिए मनाने की कोशिश की गई थी।

बताया जा रहा है कि जब धर्मांतरित परिवारों ने मूल धर्म में लौटने से साफ इनकार कर दिया, तब ग्रामीणों का गुस्सा भड़क उठा और मामला हिंसा तक पहुंच गया।

वीडियो वायरल होने से बढ़ी चिंता

घटना के दौरान कई घरों में हुए नुकसान के वीडियो सामने आए हैं, जिनमें टूटे दरवाजे, खिड़कियां और बिखरा सामान साफ देखा जा सकता है। वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन और पुलिस महकमे में भी हलचल तेज हो गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस घटना के बाद गांव में डर और अनिश्चितता का माहौल है।

गांव में भारी पुलिस बल तैनात

घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने एहतियातन पुसागांव और आसपास के इलाकों में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया है। पुलिस अधिकारी लगातार गश्त कर रहे हैं और दोनों पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की जा रही है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोकने के लिए पूरी सतर्कता बरती जा रही है। दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है।

पहले भी हो चुकी हैं हिंसक घटनाएं

गौरतलब है कि कांकेर जिले में धर्मांतरण को लेकर यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले बड़े तेवड़ा और आमाबेड़ा गांवों में भी इसी तरह की हिंसक झड़पें सामने आ चुकी हैं। इन घटनाओं ने पूरे जिले में सामाजिक तनाव को बढ़ा दिया है और प्रशासन के सामने कानून-व्यवस्था बनाए रखने की बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है।

प्रशासन की कोशिशें और आगे की राह

अधिकारियों का कहना है कि मामले की गहराई से जांच की जा रही है और दोनों पक्षों से बातचीत कर समाधान निकालने का प्रयास किया जा रहा है। प्रशासन की प्राथमिकता है कि गांव में शांति और सौहार्द बना रहे।

इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि धर्मांतरण जैसे संवेदनशील मुद्दों पर संवाद और कानून के दायरे में समाधान कितना जरूरी है। फिलहाल पुसागांव में हालात तनावपूर्ण जरूर हैं, लेकिन प्रशासन को उम्मीद है कि सख्त निगरानी और संवाद के जरिए स्थिति को सामान्य किया जा सकेगा।

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