डिजिटल इंटरप्रेन्योर योजना: 8000 न्याय पंचायतों में होंगे डिजिटल उद्यमी, 50% महिलाएं – सीएम योगी
उत्तर प्रदेश विधानसभा में बजट 2026-27 पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विकास, महिला सशक्तिकरण, स्वास्थ्य और कृषि से जुड़ी कई अहम घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि सरकार गांव, गरीब, किसान और मातृशक्ति को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ठोस और दूरगामी कदम उठा रही है।
8000 न्याय पंचायतों में चुने जाएंगे डिजिटल उद्यमी
मुख्यमंत्री ने सदन को बताया कि राज्य सरकार डिजिटल इंटरप्रेन्योर योजना के तहत प्रदेश की 8000 न्याय पंचायतों में डिजिटल उद्यमियों का चयन करेगी। इनमें 50 प्रतिशत महिलाएं होंगी, जो उसी क्षेत्र की बेटी-बहू होंगी। चयनित डिजिटल उद्यमियों को 10 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण दिया जाएगा, जिसकी पूरी व्यवस्था बजट में की गई है। सीएम योगी ने कहा कि इस योजना के माध्यम से गांवों में ऑप्टिकल फाइबर, डिजिटल सेवाएं, ऑनलाइन ट्रेडिंग और स्थानीय उत्पादों के विपणन जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
मातृशक्ति के लिए महिला उद्यमी उत्पाद विपणन केंद्र
महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को लेकर मुख्यमंत्री ने एक और महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने केंद्र सरकार की ‘शी मार्ट’ योजना की तर्ज पर महिला उद्यमी उत्पाद विपणन केंद्र स्थापित करने की बात कही। सीएम ने बताया कि उत्तर प्रदेश में करीब एक करोड़ महिलाएं सेल्फ हेल्प ग्रुप से जुड़ी हैं, लेकिन उनके उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराना अब तक बड़ी चुनौती रहा है। इसे देखते हुए न्याय पंचायत स्तर पर शॉपिंग कॉम्प्लेक्स विकसित किए जाएंगे, जहां महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा बनाए गए उत्पादों की बिक्री होगी। इस योजना के लिए बजट में 100 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है और यह डिजिटल इंटरप्रेन्योर योजना से भी जुड़ी होगी।
60 लाख सुरक्षित प्रसव के लिए 1000 करोड़ का प्रावधान
स्वास्थ्य सेवाओं पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर की स्थिति बेहद चिंताजनक थी। अब सरकार का लक्ष्य प्रतिवर्ष 60 लाख सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित करना है। इसके लिए बजट में 1000 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। सीएम ने कहा कि सुरक्षित प्रसव को संस्थागत स्वरूप दिया जाएगा और इनपैनल्ड अस्पतालों को प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी, जिससे मातृत्व और बचपन दोनों सुरक्षित रह सकें।
किसानों के लिए योजनाओं का पिटारा
मुख्यमंत्री ने किसानों के हित में की गई घोषणाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि कृषि एक्सपोर्ट सपोर्ट मिशन के तहत यूपी के किसानों के उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने के लिए पहले चरण में 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 16 लाख ट्यूबवेल किसानों को मुफ्त बिजली दी जा रही है, जिस पर सरकार हर साल करीब 3000 करोड़ रुपये खर्च कर रही है। इसके अलावा डीजल से चलने वाले ट्यूबवेल को सोलर पैनल से जोड़ने के लिए 2000 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
सिंचाई परियोजनाओं से बढ़ी खेती की क्षमता
सीएम योगी ने कहा कि बाणसागर, अर्जुन सहायक, सरयू नहर और मध्य गंगा परियोजना जैसी योजनाओं से लाखों हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा मिली है। सरकार किसान को तकनीक से जोड़कर खेती को लाभकारी बनाने की दिशा में लगातार काम कर रही है।
समग्र विकास की ओर उत्तर प्रदेश
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि ये सभी योजनाएं उत्तर प्रदेश को आत्मनिर्भर, समृद्ध और सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। डिजिटल उद्यमिता, महिला सशक्तिकरण, स्वास्थ्य सुरक्षा और किसान कल्याण के जरिए राज्य को विकास के नए पथ पर ले जाया जा रहा है।