वाराणसी केंद्रीय कारागार में कैदियों के लिए शुरू हुआ मानसिक स्वास्थ्य केंद्र, जिला जज आलोक कुमार ने किया उद्घाटन
वाराणसी। वाराणसी के केंद्रीय कारागार में कैदियों के मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से सोमवार को एक नई पहल की शुरुआत हुई। ‘नई सुबह’ संस्था की ओर से कारागार में मानसिक स्वास्थ्य केंद्र की स्थापना की गई, जिसका उद्घाटन जिला जज आलोक कुमार ने किया। यह केंद्र कैदियों को मानसिक परामर्श और सकारात्मक जीवन की ओर प्रेरित करने का कार्य करेगा।
आत्महत्या की चुनौतियों से निपटने में मददगार
कार्यक्रम के दौरान जिला जज आलोक कुमार ने कहा—“जेल में कैदियों की संख्या को देखते हुए आत्महत्या की घटनाएं ज्यादा होती हैं। मानसिक परामर्श की यहां अत्यंत आवश्यकता है और यह पहल समय की सबसे बड़ी जरूरत है।” उन्होंने कहा कि हर लाभकारी योजना का सुपरविजन और इंप्लीमेंटेशन सुनिश्चित करना हमारी जिम्मेदारी है और इस पहल का हिस्सा बनना हमारे लिए सौभाग्य है।
विशेषज्ञों की देखरेख में चलेगा केंद्र
मानसिक अस्पताल के चिकित्सक डॉ. अजय तिवारी ने बताया— “आज आत्महत्या भारत और विश्व की सबसे बड़ी चुनौती है। जब मन निराश हो जाता है तो इंसान इस दिशा में बढ़ता है। हमारा संकल्प है कि कैदियों को जीवन के लिए प्रेरित करें और उन्हें सकारात्मक समय बिताने का मौका दें।”
जेल प्रशासन का सहयोग
डीआईजी जेल राजेश कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि इस तरह के प्रयास कैदियों के मानसिक स्वास्थ्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। वहीं जेल अधीक्षक आर.के. त्रिपाठी ने भी संस्था की इस पहल को सराहा और कहा कि कैदियों को अब मानसिक शांति पाने का एक मजबूत साधन मिल सकेगा।
कैदियों में दिखा उत्साह
उद्घाटन कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कैदी भी मौजूद रहे। कैदियों ने इसे एक सकारात्मक पहल बताते हुए कहा कि इस प्रकार की सुविधा उनके लिए मानसिक सहारा साबित होगी और उन्हें जीवन के प्रति नई दिशा मिलेगी।
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