Drug Inspector: यूपी में कफ़ सिरप को लेकर नियम बदले गए, अब केमिकल की भी होगी जांच, नकली दवा और सिरप पर तुरंत होगी FIR
हाइलाइट्स
- यूपी में कफ़ सिरप को लेकर नियम बदले गए
- अब केमिकल की भी होगी जांच
- नकली दवा और सिरप पर तुरंत होगी FIR
Drug Inspector: उत्तर प्रदेश सरकार ने नकली और मिलावटी दवाओं के खिलाफ बड़ा कदम उठाया है। अब औषधि निरीक्षक दवा व सिरप बनाने में इस्तेमाल होने वाले केमिकल की भी जांच कर सकेंगे। किसी भी तरह की गड़बड़ी या मिलावट मिलने पर संबंधित फर्म के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज की जाएगी। कफ सिरप से बच्चों की मौत के मामलों के बाद राज्य में अलर्ट जारी किया गया है। सभी मेडिकल स्टोर्स को डॉक्टर की पर्ची के बिना सिरप न बेचने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।
अब केमिकल की भी होगी जांच
उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में औषधि सुरक्षा को लेकर बड़ी कार्रवाई की गई है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (Food Safety and Drug Administration) की आयुक्त डॉ. रोशन जैकब (Dr. Roshan Jacob) ने निर्देश जारी करते हुए कहा कि अब औषधि निरीक्षक (Drug Inspectors) दवा और सिरप में उपयोग होने वाले केमिकल (Chemicals) की भी जांच करेंगे।इस फैसले के बाद अब कोई भी फार्मा कंपनी (Pharma Company) या मेडिकल फर्म नकली या मिलावटी दवा बेचने पर तुरंत कार्रवाई से नहीं बच सकेगी। औषधि निरीक्षक को यह अधिकार दिया गया है कि वह किसी भी फर्म के खिलाफ तुरंत प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) दर्ज करा सके।
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कफ सिरप पर बढ़ी सख्ती
मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) और राजस्थान (Rajasthan) में कफ सिरप (Cough Syrup) से बच्चों की मौत के बाद उत्तर प्रदेश में अलर्ट घोषित किया गया है। सोमवार से ही सभी औषधि निरीक्षकों को कफ सिरप के सैंपल (Sample) जांचने के आदेश दिए गए हैं। डॉ. रोशन जैकब ने निर्देश में कहा कि पांच साल से कम उम्र के बच्चों को कफ सिरप न दिया जाए। मेडिकल स्टोर्स (Medical Stores) पर बिना डॉक्टर के पर्चे (Prescription) के कफ सिरप बेचने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
निर्माणशालाओं की होगी नियमित जांच
निर्देशों के अनुसार, सभी औषधि निर्माणशालाओं (Pharmaceutical Laboratories) का नियमित निरीक्षण किया जाएगा। वहां उपयोग किए जा रहे केमिकल और अन्य तत्वों के नमूने (Samples) लिए जाएंगे। इनका परीक्षण (Testing) प्रयोगशालाओं में कराया जाएगा ताकि मिलावट या हानिकारक तत्वों का पता लगाया जा सके,इसके साथ ही, केमिकल की खरीद-बिक्री (Purchase Records) से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच होगी। किसी भी फर्म द्वारा फर्जी नाम-पते से दवा की बिक्री या मिलावट पाए जाने पर तत्काल रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।
एक्सपायरी दवाओं पर भी नजर
आयुक्त ने यह भी निर्देश दिया कि किसी भी मेडिकल स्टोर पर एक्सपायरी (Expired) दवाओं की बिक्री न होने पाए। ऐसे मामलों में संबंधित विक्रेता पर भी कार्रवाई होगी। यह कदम राज्य सरकार के उस प्रयास का हिस्सा है जिसमें दवाओं की गुणवत्ता और नागरिकों की सेहत को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।

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