Excise Officer Fraud: गिरफ्तारी से बचने एम्स में भर्ती अबकारी अधिकारी, बाहर पुलिस तैनात, 42CR का फर्जी बैंक गारंटी केस
हाइलाइट्स
- बैंक की दो फर्जी गारंटी के केस
- कोर्ट से नॉन बेलेबल वारंट जारी
- जांच एजेंसियां करेगी पूछताछ
Madhya Pradesh Excise Officer Bank Guarantee Scam Case: कोर्ट से नॉन बेलेबल वारंट जारी होने की सूचना के बाद आबकारी अधिकारी विनोद रघुवंशी अस्पताल में भर्ती हो गया है।
अधिकारी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस भी अस्पताल पहुंच गई हैं। आबकारी अधिकारी पर करोड़ों की फर्जी बैंक गारंटी के घोटाले में शामिल होने के आरोप है।
भोपाल: 42 करोड़ के फर्जी बैंक गारंटी मामले में आबकारी अधिकारी विनोद रघुवंशी गिरफ्तार#Bhopal #CorruptionCase #PoliceAction #VinodRaghuwanshi #FraudCase #EOW #WhiteCollarCrime #BankGuaranteeFraud pic.twitter.com/GqB3I45H6v
— Bansal News Digital (@BansalNews_) September 19, 2025
इंदौर में 42 करोड़ रुपए का घोटाला
जानकारी के अनुसार, आबकारी अधिकारी विनोद रघुवंशी पर इंदौर में 42 करोड़ रुपए की फर्जी बैंक गारंटी घोटाले में शामिल होने का आरोप है। आबकारी अधिकारी के खिलाफ अदालत ने नॉन बेलेबल वारंट जारी किया है। गिरफ्तारी से बचने के लिए वे बीमार होने का हवाला देकर एम्स में भर्ती हो गए थे।
अस्पताल वार्ड के बाहर पुलिस तैनात
वारंट लेकर पुलिस पहले उनके घर पहुंची, लेकिन जब वहां बीमारी होने की जानकारी मिले तो पुलिस भोपाल एम्स पहुंच गई। यहां अस्पताल के जिस वार्ड में आबकारी अधिकारी भर्ती है, उसके बाहर पुलिस जवानों को तैनात कर दिया गया हैं। पुलिस डॉक्टर की ओके रिपोर्ट मिलने पर अधिकारी को गिरफ्तार करेगी।
22 करोड़ के घोटाले का भी मामला
जांच अधिकारियों का कहना है कि 22 करोड़ रुपए की एक और अन्य फर्जी बैंक गारंटी का मामला चल रहा है, जिसमें आबकारी अधिकारी विनोद रघुवंशी के खिलाफ घोटाले में शामिल होने का आरोप है। जांच एजेंसियां उनकी हिरासत में पूछताछ करना चाहती हैं।
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