वानिकी सम्मेलन, IFS मीट: सीएम मोहन यादव ने किया आईएफएस थीम गीत का विमोचन, कहा- फॉरेस्ट में सबसे अच्छी ग्रोथ

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MP IFS Meet 2026: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार 30 जनवरी को आरसीव्हीपी नरोन्हा प्रशासन अकादमी भोपाल में वानिकी सम्मेलन एवं आई.एफ.एस. मीट-2026 का शुभारंभ किया। इस मौके पर सीएम यादव ने वन विभाग के आईएफएस थीम गीत का विमोचन कर लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड भी प्रदान किया।

वानिकी सम्मेलन एवं आई.एफ.एस. मीट-2026 के शुभारंभ मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव फॉरेस्ट थीम गीत का विमोचन करते हुए।

कार्यक्रम में वन, पर्यावरण राज्यमंत्री दिलीप सिंह अहिरवार, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख वीएन अंबाडे और वन अधिकारी उपस्थित रहे।

सीएम ने कहा- फॉरेस्ट में सबसे ज्यादा ग्रोथ

सीएम मोहन यादव ने कहा कि “जो आनंद वन के साथ आता है, वह कहीं और जाकर नहीं मिलता।” मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से जल, जंगल और वन्यजीवों के आपसी संतुलन को समझने की आवश्यकता पर जोर दिया। 

मुख्यमंत्री ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में जब वे वाहन से गुजर रहे थे, तब टाइगर अपने स्वाभाविक अंदाज में चल रहा था। यह दृश्य प्रकृति और मानव के सहअस्तित्व को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि वन क्षेत्रों में काम करना एक बड़ी चुनौती है, क्योंकि जानवरों के सामने निर्भय होकर काम करना पड़ता है, जहां निडरता और निर्भरता दोनों ही जरूरी हैं।

CM Mohan Yadav Forest
आई.एफ.एस. मीट-2026 के शुभारंभ मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड दिया।

पूर्व PCCF गंगोपाध्याय को लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड

मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने भारतीय वन सेवा के रिटायर्ड अधिकारी और मप्र के पूर्व पीसीसीएफ डॉ.पी.बी.गंगोपाध्याय को लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया गया। उन्हें यह अवार्ड मध्यप्रदेश के वनों की सुरक्षा और बेहतरी में उनके योगदान के लिए दिया गया। यह अवार्ड उनकी पत्नी श्रीमती गौरी गंगोपाध्याय ने रिसीव किया।

‘चीतों का पुनर्वास सबसे बड़ी चुनौतीपूर्ण’

मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में फॉरेस्ट डिपार्टमेंट की ग्रोथ सबसे बेहतर रही है। चीतों के पुनर्वास और मगरमच्छों को सुरक्षित स्थानों पर छोड़ने जैसे कार्य बेहद चुनौतीपूर्ण रहे हैं, लेकिन विभाग ने इन्हें सफलतापूर्वक अंजाम दिया। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जब विभाग अच्छे से काम करता है, तो मगरमच्छ नर्मदा की धारा में और घड़ियाल चंबल नदी में सुरक्षित रूप से रह पाते हैं।

सीएम ने की विभाग तारीफ

मुख्यमंत्री ने जल और जंगल के आपसी संबंध को रेखांकित करते हुए कहा कि जल की शोभा जीवन से है और जंगल के भीतर टाइगर उसकी शोभा हैं। उन्होंने यह भी कहा कि आज के समय में आईएफएस अधिकारियों के साथ नीचे तक का अमला पूरी निष्ठा से काम कर रहा है, जो प्रदेश के वन संरक्षण मॉडल को मजबूत बनाता है।

 मुख्यमंत्री ने वन अधिकारियों और कर्मचारियों की सराहना करते हुए कहा कि प्रकृति संरक्षण के इस अभियान में सभी की भूमिका समान रूप से महत्वपूर्ण है।

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