शंकराचार्य से फॉर्म-7 तक… विधानसभा में सीएम योगी का अखिलेश यादव पर पलटवार

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उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर तीखी बहस देखने को मिली। विधानसभा के बजट सत्र के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दो घंटे से अधिक के भाषण में समाजवादी पार्टी और उसके अध्यक्ष अखिलेश यादव पर करारा हमला बोला। शंकराचार्य विवाद, वंदेमातरम और फॉर्म-7 जैसे मुद्दों पर सीएम योगी ने विपक्ष के आरोपों का विस्तार से जवाब दिया।

कानून-व्यवस्था पर ‘ट्रिपल S’ की गारंटी

सीएम योगी ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर कहा कि यूपी में अब ट्रिपल S-सेफ्टी, स्टेबिलिटी और स्पीड की गारंटी है। उन्होंने पूर्ववर्ती सपा सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि पहले हालात ऐसे थे मानो प्रदेश में “सिर्फ दो ही थाने” हों। अब 75 जिलों में प्रभावी कानून-व्यवस्था लागू है और अपराध पर सख्ती से कार्रवाई हो रही है।

शंकराचार्य विवाद पर आमने-सामने

प्रयागराज में माघ मेले के दौरान स्नान को लेकर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से जुड़े विवाद पर सपा ने सरकार को घेरा था। इस पर सीएम योगी ने कहा कि हर व्यक्ति शंकराचार्य नहीं हो सकता। चार पीठों की परंपरा और आदि जगद्गुरु शंकराचार्य द्वारा निर्धारित नियमों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि कानून सबके लिए समान है। इसके जवाब में अखिलेश यादव ने पलटवार करते हुए कहा कि जो शंकराचार्य से प्रमाणपत्र मांग रहे हैं, वे पहले खुद “योगी” होने का प्रमाण दिखाएं।

वंदेमातरम के विरोध पर सख्त रुख

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वंदेमातरम के विरोध पर कड़ा बयान देते हुए कहा कि वंदेमातरम का विरोध करने वालों को भारत की धरती पर रहने का कोई अधिकार नहीं। उन्होंने कहा कि देश की एकता और सम्मान से जुड़े विषयों पर किसी भी तरह का विरोध स्वीकार्य नहीं है। इस बयान पर सपा की ओर से तीखी प्रतिक्रिया आई। पार्टी महासचिव रामगोपाल यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री ऐसे बयान दे रहे हैं जैसे वे स्वयं प्रधानमंत्री हों।

फॉर्म-7 पर आरोपों का जवाब

अखिलेश यादव ने फॉर्म-7 को लेकर आरोप लगाया था कि जब SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) हो चुका है, तो फॉर्म-7 की जरूरत क्यों है। उन्होंने यह भी दावा किया कि बीजेपी वोट कटवाने के लिए एक कंपनी का इस्तेमाल करती है। इस पर सीएम योगी ने कहा कि सपा माहौल खराब कर रही है और पारदर्शी व्यवस्था का समर्थन नहीं करती। उन्होंने स्पष्ट किया कि फॉर्म-7 पर आयोग द्वारा सत्यापन होता है और इसमें पूरी पारदर्शिता बरती जाती है।

दो घंटे 14 मिनट में विपक्ष पर प्रहार

सीएम योगी का यह भाषण दो घंटे 14 मिनट तक चला, जिसमें उन्होंने समाजवादी पार्टी की नीतियों और कार्यशैली पर तीखे प्रहार किए। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले अपराधियों को संरक्षण मिलता था, जबकि अब प्रदेश में न तो कर्फ्यू है और न ही दंगे। यूपी आज सुरक्षा, स्थिरता और गति-तीनों में आगे बढ़ रहा है।

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