ग्वालियर प्रतिमा विवाद: अनिल मिश्रा के घर के बाहर लगे टेंट हटवाने से हंगामा, CSP हिना खान ने लगाए जय श्री राम के नारे

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हाइलाइट्स

  • मंदिर में पूजा को लेकर अनिल मिश्रा-पुलिस भिड़े

  • CSP हिना खान ने लगाए जय श्री राम के नारे

  • ग्वालियर में 15 अक्टूबर को स्कूलों में अवकाश घोषित

Gwalior Ambedkar Statue Controversy: ग्वालियर में अंबेडकर प्रतिमा विवाद थमता नजर नहीं आ रहा है। हाईकोर्ट के वकील अनिल मिश्रा और पुलिस के बीच मंदिर में पूजा को लेकर मंगलवार (14 अक्टूबर) को तीखी बहस और नोकझोंक हुई। टकराव इतना बढ़ा कि पुलिस और समर्थकों के बीच जय श्री राम और पुलिस मुर्दाबाद के नारे लगने लगे। इस दौरान सीएसपी (CSP) हिना खान मौके पर मौजूद रहीं। पुलिस मर्दाबाद नारेबाजी पर वह खुद भड़क गईं और उन्होंने भी जय श्री राम के नारे लगा दिए। पूरा घटनाक्रम कैमरे में कैद हो गया। अनिल मिश्रा के घर पर पुलिस का पहरा है।

मंदिर में पूजा को लेकर भिड़े पुलिस और अनिल मिश्रा के समर्थक

समर्थकों के मुताबिक, कल यानी 15 अक्टूबर को वकील अनिल मिश्रा का जन्मदिन है, इसलिए वो मंदिर में पूजा करने जा रहे थे। मंदिर में ताला लगा था और पूजा बिना किए ही अनिल मिश्रा वापस लौट आए। इस दौरान पुलिस ने सुरक्षा कारणों से वहां लगे टेंट को हटवाने की कार्रवाई की, जिसे अनिल मिश्रा के समर्थकों ने लगाया था। समर्थकों ने इसका विरोध किया और पुलिस पर सनातन धर्म का अपमान करने का आरोप लगाया। भीड़ ने पुलिस मुर्दाबाद के नारे लगाए।

रिकॉर्डेड वीडियो में अनिल मिश्रा साफ कहते नजर आते हैं कि पुलिस सनातन का अपमान कर रही है। समर्थकों ने उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन मौके पर स्थिति बिगड़ती चली गई। पुलिस ने हालात काबू में करने के लिए अतिरिक्त बल बुलाया।

ग्वालियर प्रतिमा विवाद: अनिल मिश्रा के घर के बाहर लगे टेंट हटवाने से हंगामा, CSP हिना खान ने लगाए जय श्री राम के नारे
पुलिस और अनिल मिश्रा के समर्थकों के बीच झड़प।

पुलिस की कार्रवाई पर भड़की भीड़, CSP हिना खान ने भी लगाए नारे

पुलिस ने जब टेंट कटवाने की कोशिश की, तो अनिल मिश्रा के समर्थकों ने सड़क पर हंगामा शुरू कर दिया। बताया जा रहा है कि जब भीड़ ने पुलिस मुर्दाबाद के नारे लगाए तो हिना खान ने भी जवाब में जय श्री राम का नारा लगाया।

क्या है पूरा मामला

यह विवाद नया नहीं है। इसकी जड़ें मई 2025 में शुरू हुई थीं, जब ग्वालियर हाईकोर्ट परिसर में डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा लगाने को लेकर वकीलों के दो गुटों में बहस हो गई थी। वकीलों के एक गुट ने अंबेडकर प्रतिमा लगाने की मांग की थी, जबकि दूसरे गुट के वकीलों ने इसका विरोध किया।

इसके बाद मामला बिगड़ गया और भीम आर्मी से जुड़े रूपेश केन नामक कार्यकर्ता के साथ वकीलों ने मारपीट कर दी। तभी से यह विवाद सवर्ण और दलित संगठनों के बीच टकराव का रूप ले चुका है। पुलिस ने कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए फिलहाल प्रतिमा लगाने पर रोक लगा दी थी और मूर्ति को शहर से 15 किलोमीटर दूर एक मूर्तिकार प्रभात राय की वर्कशॉप में रखवा दिया गया।

हाईकोर्ट परिसर में मई में पुलिस और वकीलों के बीच हुई झड़प।

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ग्वालियर में 15 अक्टूबर को स्कूलों में अवकाश घोषित

ग्वालियर जिले में बुधवार (15 अक्टूबर) को कक्षा 1 से 12वीं तक के सभी स्कूल बंद रहेंगे। जिला शिक्षा अधिकारी ने कलेक्टर रुचिका चौहान के निर्देश पर यह आदेश जारी किया है। यह अवकाश संभावित स्थानीय आयोजन और यातायात व्यवस्था में बाधा की स्थिति को ध्यान में रखकर घोषित किया गया है, ताकि बच्चों को किसी तरह की असुविधा न हो और उनके हित सुरक्षित रहें। इस दिन जिले के सभी शासकीय, अशासकीय, अनुदान प्राप्त, सीबीएसई और आईसीएसई स्कूलों में पढ़ने वाले 12वीं कक्षा तक के छात्रों के लिए छुट्टी रहेगी।

विरोध प्रदर्शन की तैयारी, अलर्ट मोड पर पुलिस

अब 15 अक्टूबर को दलित संगठनों ने हाईकोर्ट वकील अनिल मिश्रा द्वारा की गई टिप्पणी के खिलाफ ग्वालियर में बड़ा विरोध प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है। इसके जवाब में सवर्ण संगठनों ने भी उसी दिन शक्ति प्रदर्शन की घोषणा कर दी है। दोनों पक्षों की तैयारियों के चलते पुलिस को शहर में संभावित हिंसा और तनाव की आशंका है।

ग्वालियर पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए 36 नाकाबंदी पॉइंट (Checkpoints) बनाए हैं। इनमें से 17 शहर के अंदर और 19 देहात इलाकों में रखे गए हैं। पुलिस के 4000 से ज्यादा जवान और अधिकारी दो शिफ्टों में तैनात किए गए हैं ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति को रोका जा सके।

बीते दिनों पुलिस और अधिकारियों के बीच सुरक्षा रणनीतियों को लेकर हुई बैठक।

सोशल मीडिया से 500 पोस्ट हटाई गईं

यह विवाद केवल सड़कों तक सीमित नहीं है। सोशल मीडिया पर भी इसकी गूंज तेज है। पुलिस ने अब तक 500 से ज्यादा आपत्तिजनक पोस्ट डिलीट कराईं हैं। जांच की जा रही है कि जिन आईडी से पोस्ट की जा रही हैं, वे असली हैं या फर्जी। पुलिस के मुताबिक, कई अकाउंट से लगातार भड़काऊ मैसेज और पोस्ट शेयर की जा रही थीं, जिससे शहर में तनाव फैल सकता था। साइबर टीम (Cyber Team) इस पर लगातार नजर रखे हुए है और फर्जी अकाउंट पाए जाने पर एफआईआर दर्ज करने की तैयारी है।

शनिवार (11 अक्टूबर) को पुलिस ने की मॉक ड्रिल।

सुरक्षा के साये में ग्वालियर, बढ़ाई गई पुलिस तैनाती

तनाव बढ़ने की आशंका को देखते हुए ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया और शिवपुरी जिलों में भी अलर्ट जारी किया गया है। ग्वालियर में तैनात साढ़े तीन हजार पुलिसकर्मियों के साथ दूसरे जिलों से करीब 800 जवान बुलाए गए हैं।

हर पॉइंट पर अफसरों की दो शिफ्ट लगाई गई है। पहली सुबह छह बजे से शाम छह बजे तक और दूसरी शाम छह से सुबह छह बजे तक। इसके अलावा मंदिर क्षेत्र और अनिल मिश्रा के घर के बाहर भारी पुलिस बल तैनात है। ग्वालियर में फिलहाल माहौल तनावपूर्ण है लेकिन नियंत्रण में बताया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि किसी भी तरह की अफवाह या उकसाने वाली गतिविधि पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

दीपावली त्योहार (Diwali Festival) नजदीक आते ही जिले की पुलिस ने अवैध पटाखा कारोबार पर सख्ती शुरू कर दी है। इसी सिलसिले में दमोह पुलिस ने ग्राम इमलाई में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए भारी मात्रा में अवैध पटाखे जब्त किए हैं। पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ लोग दीपावली से पहले बिना लाइसेंस के पटाखों का भंडारण कर रहे हैं। सूचना के बाद वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें।

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