मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सिंगापुर के ITE College Central में आयोजित कार्यक्रम के दौरान कई महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर होते हुए देखा। यह समझौते उत्तर प्रदेश में तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा, एविएशन स्किलिंग और इंडस्ट्री-अलाइन प्रशिक्षण को नई दिशा देने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर माने जा रहे हैं।
तकनीकी शिक्षा और एविएशन स्किलिंग में सहयोग को मिलेगी गति
इन MoUs का उद्देश्य उत्तर प्रदेश के तेजी से विस्तार कर रहे अवसंरचना और रोजगार इकोसिस्टम को सशक्त बनाना है। समझौतों के तहत तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा (TVET), एविएशन सेक्टर के लिए विशेष स्किल ट्रेनिंग और उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षण मॉडल विकसित किए जाएंगे, ताकि युवाओं को सीधे रोजगार से जोड़ा जा सके।
ITE कैंपस और एविएशन हब का किया निरीक्षण
अपने दौरे के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ITE College Central के अत्याधुनिक कैंपस और एविएशन हब का भी निरीक्षण किया। उन्होंने यहां संचालित इंडस्ट्री-इंटीग्रेटेड ट्रेनिंग सिस्टम को करीब से देखा और वैश्विक मानकों के अनुरूप कौशल विकास मॉडल का अध्ययन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंगापुर का यह मॉडल उत्तर प्रदेश में वैश्विक स्तर की स्किल ट्रेनिंग व्यवस्था विकसित करने में सहायक सिद्ध होगा, जिससे प्रदेश के युवा आधुनिक तकनीक और उद्योग की मांग के अनुरूप प्रशिक्षित हो सकेंगे।
यूपी के रोजगार और इंफ्रास्ट्रक्चर को मिलेगा सीधा लाभ
मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश में बड़े पैमाने पर एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट, लॉजिस्टिक्स हब, डेटा सेंटर और औद्योगिक क्षेत्रों का विकास हो रहा है। ऐसे में एविएशन, लॉजिस्टिक्स और एडवांस्ड टेक्नोलॉजी से जुड़े कुशल मानव संसाधन की आवश्यकता बढ़ रही है। ITE जैसे संस्थानों के साथ यह सहयोग प्रदेश की वर्कफोर्स रेडीनेस को मजबूत करेगा।
वैश्विक मानकों से जुड़ेगा यूपी का स्किल सिस्टम
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह सहयोग उत्तर प्रदेश को ग्लोबल स्किल स्टैंडर्ड्स से जोड़ने की दिशा में अहम कदम है। इससे न केवल युवाओं को बेहतर रोजगार अवसर मिलेंगे, बल्कि प्रदेश की औद्योगिक प्रतिस्पर्धात्मकता भी बढ़ेगी। सिंगापुर के ITE College Central में MoU पर हस्ताक्षर और एविएशन हब का निरीक्षण उत्तर प्रदेश के लिए स्किल डेवलपमेंट और रोजगार सृजन के क्षेत्र में नई संभावनाओं के द्वार खोलता है। यह पहल प्रदेश को वैश्विक निवेश और आधुनिक उद्योगों के अनुरूप तैयार करने में निर्णायक भूमिका निभाएगी।