वाराणसी : श्री श्री गीता सोसाइटी में नवरात्र महोत्सव का शुभारंभ, सेवा और भक्ति का अद्वितीय संगम
वाराणसी। श्री श्री गीता सोसाइटी के पावन प्रांगण में इस वर्ष नवरात्र महोत्सव बड़े ही श्रद्धा, उत्साह और भक्ति-भाव से आरंभ हुआ। आश्रम परिसर को भव्य रूप से सजाया गया है और पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा और उल्लास से सराबोर है। महोत्सव के प्रथम दिन विधिपूर्वक कलश स्थापना संपन्न हुई। साथ ही विग्रहों का अलंकरण और विशेष पूजा-अर्चना की गई, जिससे भक्तों ने माँ दुर्गा के चरणों में आस्था अर्पित की।

नवरात्र के नौ दिनों तक प्रतिदिन अलग-अलग धार्मिक और सामाजिक गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। भक्तजन जहां मां की उपासना में लीन हैं, वहीं समाज-सेवा के संकल्प को भी आगे बढ़ा रहे हैं। इस अवसर पर फल, स्टेशनरी सामग्री, साड़ियाँ, पुस्तकों और राशन का वितरण किया जा रहा है। कन्या-विवाह में सहयोग, वस्त्रदान, भंडारा सेवा और अन्य परोपकारी कार्यों से नवरात्र महोत्सव को समाजहित की दिशा में विशेष रूप प्रदान किया गया है।

सोसाइटी के अध्यक्ष स्वामी त्रिगुणतीतनन्द पूरी जी ने अपने संदेश में कहा कि “नवरात्र केवल आराधना का पर्व नहीं है, बल्कि यह आत्मशुद्धि, करुणा और सेवा की प्रेरणा देने वाला पावन अवसर है। पूजा और साधना तभी सार्थक होती है जब वह समाज-सेवा से जुड़कर व्यापक जनकल्याण का मार्ग प्रशस्त करे।”आश्रम के भक्तगण और स्थानीय नागरिक महोत्सव में बढ़-चढ़कर भाग ले रहे हैं। प्रतिदिन हो रहे अनुष्ठानों और सेवा-कार्यों में बड़ी संख्या में लोग शामिल हो रहे हैं। भक्ति और सेवा का यह संगम न केवल आध्यात्मिक चेतना को जागृत कर रहा है, बल्कि सामाजिक सहयोग और सद्भावना का संदेश भी दे रहा है।

पूरे परिसर में मां दुर्गा की भक्ति धारा का प्रवाह ऐसा वातावरण निर्मित कर रहा है, जहां हर व्यक्ति अद्वितीय शांति, आनंद और आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव कर रहा है। श्री श्री गीता सोसाइटी का यह नवरात्र महोत्सव धार्मिक आस्था और मानव सेवा का अनोखा उदाहरण बनकर समाज के लिए प्रेरणादायी संदेश प्रस्तुत कर रहा है।