मंत्रालय के सचिव से अभद्र भाषा पड़ी भारी: छत्तीसगढ़ सरकार ने IFS अधिकारी मनीष कश्यप को किया निलंबित

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IFS Suspended: छत्तीसगढ़ शासन के वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के सचिव के साथ अमर्यादित और अभद्र भाषा का प्रयोग करना भारतीय वन सेवा के अधिकारी मनीष कश्यप को भारी पड़ गया। राज्य सरकार ने उनके इस आचरण को गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। शासन का कहना है कि अधिकारी का व्यवहार सेवा नियमों के विपरीत पाया गया।

23 जनवरी की घटना, फोन पर हुआ विवाद

जारी आदेश के अनुसार, 23 जनवरी 2026 को भारत सरकार द्वारा आयोजित Deregulation से संबंधित बैठक की तैयारी को लेकर विभागीय सचिव ने मनीष कश्यप से दूरभाष पर संपर्क किया था।

इस दौरान आवश्यक जानकारी देने के बजाय मनीष कश्यप ने अशोभनीय और अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया। शासन ने इस आचरण को अखिल भारतीय सेवा आचरण नियम 1968 के नियम 3 का उल्लंघन माना है।

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अनुशासन नियमों के तहत निलंबन

इस मामले को गंभीर मानते हुए राज्य शासन ने अखिल भारतीय सेवा अनुशासन एवं अपील नियम 1969 के तहत कार्रवाई की। आदेश में कहा गया है कि मनीष कश्यप को निलंबन अवधि के दौरान प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख कार्यालय अरण्य भवन नवा रायपुर अटल नगर में मुख्यालय निर्धारित किया गया है। निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।

पहले भी विवादों में रहे अधिकारी

सूत्रों के अनुसार मनीष कश्यप पहले भी निलंबन का सामना कर चुके हैं। मनेन्द्रगढ़ में पदस्थापना के दौरान भी वे लगातार विवादों में रहे थे। मंत्रालय स्तर पर अफसरों से कथित अभद्र व्यवहार की शिकायतें पहले भी सामने आ चुकी हैं, जिसके बाद शासन ने सख्त रुख अपनाया है।

दो अन्य IFS अधिकारियों के तबादले

इसी आदेश के तहत वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने प्रशासनिक कारणों से दो अन्य IFS अधिकारियों के तबादले भी किए हैं। जाधव सागर रामचंद्र को छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज सहकारी संघ नवा रायपुर में पदस्थ किया गया है। वहीं चंद्र कुमार अग्रवाल को मनेन्द्रगढ़ का नया वन उप संरक्षक प्रादेशिक बनाया गया है।

शासन का संदेश, अनुशासन से समझौता नहीं

इस कार्रवाई को प्रशासनिक अनुशासन के उदाहरण के तौर पर देखा जा रहा है। शासन ने साफ संकेत दिया है कि अधिकारियों द्वारा अमर्यादित व्यवहार और नियमों की अनदेखी किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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