Kubereshwar Dham Hadsa: कुबेरेश्वर धाम में भगदड़, दो महिलाओं की मौत
रिपोर्ट- गौतम शाह सीहोर
MP Kubereshwar Dham Hadsa: मध्यप्रदेश के सीहोर में स्थित कुबेरेश्वर धाम में भगदड़ मचने से दो महिलाओं की मौत हो गई है, जबकि 10 से अधिक श्रद्धालु घायल हो गए हैं। इनमें से दो की हालत गंभीर बताई जा रही है। सभी घायलों को तुरंत अस्पताल ले जाया गया है।
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— Bansal News Digital (@BansalNews_) August 5, 2025
1 लाख से ज्यादा भक्तों के पहुंचने की खबर
दरअसल, पंडित प्रदीप मिश्रा द्वारा बुधवार को कांवड़ यात्रा निकालने का आयोजन है, इससे एक दिन पहले मंगलवार को कुबेरेश्वर धाम में यात्रा में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में भक्तों की भारी जुट गई, यह हादसा उस वक्त हुआ जब मंदिर प्रांगण में श्रद्धालुओं की संख्या अचानक से बढ़ गई। भारी भीड़ के बीच धक्का-मुक्की में हो गई थी। अब तक एक लाख से ज्यादा लोगों के सीहोर पहुंचने की खबर है।

जानें हादसे की मुख्य वजह
सवाल: कैसे बेकाबू हुए हालात ?
जवाब: कुबेरेश्वर धाम में भंडारा, दर्शन और ठहरने की जगह सीमित होने के कारण हालात तेजी से बेकाबू हो गए। भक्तों की भारी भीड़ के बीच कई लोग जमीन पर गिर गए। हादसे के बाद मौके पर भगदड़ जैसी स्थिति बन गई, जिससे लोग भयभीत हो उठे। अफरा-तफरी मचने से दो लोगों की दबकर मौत हो गई।
सवाल: क्या थे प्रबंधन के दावे ?
जवाब: 6 अगस्त को कुबेरेश्वर धाम से चितावलिया हेमा गांव तक भव्य कांवड़ यात्रा प्रस्तावित है। इसके लिए प्रशासन और आयोजकों ने 4 हजार से अधिक श्रद्धालुओं के ठहरने और भोजन की व्यवस्था का दावा किया था, लेकिन एक दिन पहले ही हजारों श्रद्धालु कुबेरेश्वर धाम पहुंच गए, जिससे व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई।
सवाल: क्या था प्रशासन का प्लान ?
जवाब: पुलिस अधीक्षक दीपक शुक्ला घोषणा कर चुके थे कि 5 अगस्त रात 12 बजे से डायवर्जन प्लान लागू किया जाएगा, ताकि भारी वाहनों को वैकल्पिक मार्ग से भेजा जा सके। लेकिन जब हादसा हुआ, तब तक यह ट्रैफिक प्लान लागू नहीं था। इस वजह से श्रद्धालुओं की भीड़ पर नियंत्रण नहीं हो सका।
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सवाल: कौन अधिकारी जिम्मेदार ?
जवाब: आयोजन की जिम्मेदारी एसडीएम तन्नय वर्मा को सौंपी गई थी, लेकिन अपर कलेक्टर वृंदावन सिंह ने पूरी व्यवस्था की निगरानी के निर्देश दिए थे। हादसे के वक्त वहां कितनी पुलिस और मेडिकल टीम मौजूद थी, यह स्पष्ट नहीं हो सका है। प्रशासनिक विफलता और लचर इंतजामों को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
रुद्राक्ष महोत्सव से भी नहीं लिया सबक
दो साल पहले भी कुबेरेश्वर धाम में रुद्राक्ष महोत्सव के दौरान भगदड़ में तीन साल के बच्चे की मौत हो गई थी, जबकि एक महिला ने जिला अस्पताल में दम तोड़ दिया था। इस महोत्सव में दो दिनों में कुल तीन मौतें हुई थी। 73 लोग बीमार हुए हैं।
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मानव अधिकार आयोग ने लिया था संज्ञान
रुद्राक्ष महोत्सव में फैली अव्यवस्थाओं को देखते हुए, मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग ने स्वतः संज्ञान लिया था। आयोग ने सीहोर के तत्कालीन कलेक्टर प्रवीण सिंह और एसपी से पांच बिंदुओं पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी थी।
दूसरे दिन रोका था रुद्राक्ष वितरण
महोत्सव के दूसरे दिन भी लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं के जुटे थे, इंदौर-सीहोर मार्ग पर लंबा जाम लगा था। लोग पैदल कुबेरेश्वर धाम पहुंचे थे, जिसके बाद रुद्राक्ष का वितरण रोक दिया गया था।
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