Monad University Raid: फर्जी डिग्री रैकेट में मोनाड यूनिवर्सिटी पर STF का बड़ा एक्शन


हाइलाइट्स

  • फर्जी डिग्री रैकेट में मोनाड यूनिवर्सिटी पर STF का बड़ा एक्शन
  • यूनिवर्सिटी परिसर को पूरी तरह घेरकर सर्च ऑपरेशन चलाया
  • मोनाड यूनिवर्सिटी का विवादों से पुराना नाता रहा

Monad University Raid: उत्तर प्रदेश की मोनाड यूनिवर्सिटी एक बार फिर विवादों में है। एसटीएफ (स्पेशल टास्क फोर्स) ने शनिवार को फर्जी शैक्षणिक प्रमाण पत्र जारी करने के गंभीर आरोपों में यूनिवर्सिटी पर बड़ी छापेमारी की। लखनऊ और मेरठ की संयुक्त एसटीएफ टीम ने यह कार्रवाई की, जो करीब चार घंटे तक चली। इस दौरान यूनिवर्सिटी के चेयरमैन विजेंद्र सिंह हुड्डा समेत कुल 12 लोगों को हिरासत में लिया गया है।

क्या है मामला?

STF चीफ अमिताभ यश के अनुसार, यह छापेमारी एक शिकायत पत्र की जांच के बाद की गई। 17 मई को लखनऊ मुख्यालय से आई टीम ने हापुड़ स्थित मोनाड विश्वविद्यालय में छापा मारा। छापे के दौरान बड़ी संख्या में फर्जी मार्कशीट, डिग्री, अंकपत्र बरामद किए गए। इतना ही नहीं, STF ने लैपटॉप, हार्डडिस्क, सर्वर सिस्टम और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज भी जब्त कर लिए हैं। फर्जी डिग्री और प्रमाणपत्रों के जरिए देशभर में लोगों को ठगने का संगठित नेटवर्क सामने आया है।

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चेयरमैन पर गंभीर आरोप

इस पूरे मामले में यूनिवर्सिटी के चेयरमैन विजेंद्र सिंह हुड्डा मुख्य आरोपी हैं। अमिताभ यश ने यह भी खुलासा किया कि विजेंद्र सिंह हुड्डा पहले बाइक बोट घोटाले में भी मास्टरमाइंड रह चुके हैं। अब उन पर शैक्षणिक धोखाधड़ी में शामिल होने का आरोप है।

भारी पुलिस बल की मौजूदगी

छापेमारी के दौरान STF की करीब 50 सदस्यीय टीम और हापुड़ के तीन थानों की पुलिस मौके पर मौजूद रही। यूनिवर्सिटी परिसर को पूरी तरह घेरकर सर्च ऑपरेशन चलाया गया।

पहले भी रहा है विवादों में

मोनाड यूनिवर्सिटी का विवादों से पुराना नाता रहा है। इससे पहले भी विश्वविद्यालय पर फर्जी डिग्री और अव्यवस्थित प्रशासन को लेकर सवाल उठ चुके हैं। इस ताज़ा कार्रवाई के बाद एक बार फिर विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

क्या आगे होगा?

STF ने कहा है कि इस मामले में विधिक कार्रवाई नियमानुसार की जा रही है। सभी जब्त सामग्री की फॉरेंसिक जांच कराई जाएगी और गिरफ्तार लोगों से पूछताछ के बाद और भी नाम सामने आ सकते हैं।

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