Monsoon Alert: दिल्ली में यमुना, यूपी-बिहार में गंगा उफान पर, IMD ने आठ राज्यों के लिए भारी बारिश की चेतावनी जारी की
Monsoon Alert: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने हरियाणा से लेकर केरल तक भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी दी है.
आठ राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी
Monsoon Alert: देश की राजधानी दिल्ली में यमुना नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने से बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है. हरियाणा के हथिनीकुंड बैराज से लगातार पानी छोड़े जाने और भारी बारिश के कारण दिल्ली-एनसीआर में अलर्ट जारी है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने हरियाणा से लेकर केरल तक भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी दी है. बिहार, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भी बारिश और बाढ़ ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है.
दिल्ली में बाढ़ का खतरा बढ़ा
दिल्ली में लगातार बारिश और हरियाणा के हथिनीकुंड बैराज से छोड़े गए पानी के कारण यमुना नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है. 24 जुलाई की सुबह पुराने रेलवे ब्रिज पर यमुना का जलस्तर 204.35 मीटर दर्ज किया गया, जो चेतावनी स्तर 204.5 मीटर के करीब है. दिल्ली प्रशासन ने निचले इलाकों में बाढ़ की आशंका जताते हुए लोगों को नदी के किनारे न जाने की चेतावनी दी है. सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग ने बचाव कार्यों के लिए नावों और राहत सामग्री की व्यवस्था शुरू कर दी है.
#WATCH | Delhi: The Yamuna River’s water level in Delhi approaches warning levels amid heavy rainfall.
Visuals from Loha Pul. pic.twitter.com/ETeWAnfpwU
— ANI (@ANI) July 24, 2025
यूपी-बिहार में गंगा और अन्य नदियों का कहर
उत्तर प्रदेश और बिहार में गंगा, यमुना और अन्य नदियां खतरे के निशान के करीब या उससे ऊपर बह रही हैं. प्रयागराज में गंगा का जलस्तर 82.74 मीटर तक पहुंच गया, जबकि वाराणसी में गंगा के पानी ने अस्सी घाट की सड़कों को छू लिया है. बिहार के पटना सहित करीब 20 जिलों में गंगा के बढ़ते जलस्तर ने घरों और दुकानों में पानी भर दिया है. फर्रुखाबाद, कुशीनगर और मिर्जापुर जैसे जिलों में बाढ़ ने फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है. जिसके बाद लोग सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं.
IMD की भारी बारिश की चेतावनी
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 24 जुलाई के लिए 8 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. अगले 24 घंटों में तेज हवाओं और बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है. हरियाणा से केरल तक कई राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी है. खास तौर पर, तटीय कर्नाटक में 23 से 25 जुलाई तक, कोंकण और गोवा तथा मध्य महाराष्ट्र के घाट क्षेत्रों में 24 और 25 जुलाई को अत्यधिक भारी वर्षा की संभावना है.
महाराष्ट्र में रेड अलर्ट, बिहार, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, ओडिशा, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक में ऑरेंज अलर्ट है. इसके अलावा, केरल, कर्नाटक, तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, मध्य प्रदेश, विदर्भ, और छत्तीसगढ़ में अगले 6-7 दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है. हरियाणा और पंजाब में भी बाढ़ की चेतावनी जारी की गई थी, जिसमें सामान्य से 30% अधिक बारिश की आशंका व्यक्त की गई.
उत्तर प्रदेश के 24 जिलों में भारी बारिश और आठ जिलों (संत कबीर नगर, बस्ती, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, और श्रावस्ती) में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है. बिहार में भी गंगा के किनारे बसे जिलों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है.
प्रशासन की तैयारियां और राहत कार्य
दिल्ली, यूपी, और बिहार में प्रशासन ने बाढ़ से निपटने के लिए व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं. दिल्ली में यमुना के किनारे मुनादी शुरू की गई है, ताकि लोग नदी के पास न जाएं. यूपी के बाढ़ प्रभावित जिलों में जिला प्रशासन ने गोताखोरों और जल पुलिस को तैनात किया है, जबकि बिहार में एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें अलर्ट पर हैं. प्रयागराज में बाढ़ से प्रभावित 5 लाख लोगों के लिए राहत शिविर और शरणालय बनाए गए हैं.
जनजीवन पर असर और चुनौतियां
लगातार बारिश और बढ़ते जलस्तर ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है. हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के कारण लैंडस्लाइड से दो नेशनल हाईवे समेत कुल 385 सड़कें बंद हैं. राज्य में मानसून की शुरुआत के बाद से, अब तक 137 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 34 लापता हैं. इस दौरान 1382 करोड़ रुपए की सरकारी और निजी संपत्ति भी नष्ट हो चुकी है. यूपी के कई जिलों में बिजली गिरने की घटनाओं में लोगों की जान गई है, जबकि बिहार में बाढ़ के कारण फसलों का भारी नुकसान हुआ है. मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है.