MP CM Varanasi Meeting: सीएम मोहन यादव मध्य क्षेत्रीय परिषद् की बैठक में हुए शामिल

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हाइलाइट्स

  • मध्य क्षेत्रीय परिषद् की 25वीं बैठक वाराणसी में
  • एमपी के सीएम मोहन यादव हुए शामिल
  • सीएम मोहन यादव ने काशी विश्वनाथ मंदिर में की पूजा

MP CM Varanasi Meeting: केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में 25वीं मध्य क्षेत्रीय परिषद् की बैठक मंगलवार, 24 जून को वाराणसी में चल रही है। बैठक में मध्यप्रदेश के सीएम डॉ. मोहन यादव भी हिस्सा ले रहे हैं। बैठक से पहले सीएम यादव ने वाराणसी में काशी विश्वनाथ और काल भैरव मंदिर में पहुंचकर पूजा की।

सीएम मोहन यादव के वाराणसी दौरे की खास तस्वीरें

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मंगलवार को वाराणसी में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में आयोजित 25वीं मध्य क्षेत्रीय परिषद् की बैठक में शामिल हुए।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मंगलवार को वाराणसी में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में आयोजित 25वीं मध्य क्षेत्रीय परिषद् की बैठक में शामिल हुए।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को वाराणसी में भगवान श्री काशी विश्वनाथ के दर्शन और पूजन किया।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को वाराणसी के श्री काल भैरव मंदिर में पूजन किया।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंगलवार को वाराणसी में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से सौजन्य भेंट हुई। मुख्यमंत्री 25वीं मध्य क्षेत्रीय परिषद् की बैठक में शामिल होने के लिए वाराणसी प्रवास पर है।

एमपी समेत 4 राज्यों के मुख्यमंत्री हुए शामिल

इस अहम बैठक में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय शामिल हुए।

इन मुद्दों पर चर्चा

बैठक में क्षेत्रीय सुरक्षा, विकास, स्वास्थ्य, प्रशासनिक समन्वय और राज्यों से जुड़े विशेष मुद्दों पर भी चर्चा हुई। बैठक में मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, उत्तराखंड और छत्तीसगढ़ राज्य के मुख्य सचिव, नीति आयोग के प्रतिनिधि, अंतर्राज्यीय परिषद के सदस्यगण और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए।

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परिषद् का लक्ष्य

मध्य क्षेत्रीय परिषद् का मुख्य लक्ष्य राज्यों के बीच सहयोग बढ़ाना, अंतर्राज्यीय विवादों का बातचीत के जरिए समाधान करना, सामान्य हितों के मामलों पर विचार करना, प्राकृतिक संसाधनों का समान उपयोग सुनिश्चित करना और संवेदनशील क्षेत्रों में विकास गतिविधियों को बढ़ावा देना है।

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