हाइलाइट्स
- अभिषेक बनर्जी को हाई कोर्ट से अंतरिम राहत मिली
- भोपाल MP-MLA कोर्ट का गिरफ्तारी वारंट स्थगित
- आकाश विजयवर्गीय मानहानि केस में नई कार्रवाई
Abhishek Banerjee Defamation Case MP High Court Judgement: तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद और बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी को एक बड़ी कानूनी राहत मिली है। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की जबलपुर पीठ ने भोपाल की MP-MLA कोर्ट द्वारा जारी गिरफ्तारी वारंट पर अंतरिम रोक लगा दी है। यह फैसला Abhishek Banerjee Defamation Case और Political Controversy in Bengal-MP के संदर्भ में अहम माना जा रहा है।
हाई कोर्ट की बड़ी राहत — Arrest Warrant पर रोक

न्यायमूर्ति प्रमोद कुमार अग्रवाल की एकलपीठ ने इस मामले में भाजपा नेता आकाश विजयवर्गीय को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
अभिषेक बनर्जी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अनिल खरे ने दलील दी कि—
अभिषेक बनर्जी वर्तमान में सांसद हैं
उनके फरार होने की संभावना नहीं
उन्होंने व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट का आवेदन दिया था
एमपी-एमएलए कोर्ट ने आवेदन पर विचार किए बिना गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया
इसके बाद हाई कोर्ट ने गिरफ्तारी पर रोक लगाते हुए मामले पर विस्तृत सुनवाई के लिए अगली तारीख तय की। यह अपडेट Abhishek Banerjee Relief News और Mamata Banerjee Political Update के रूप में महत्वपूर्ण है।
मानहानि केस की पृष्ठभूमि — क्या था पूरा मामला?
यह पूरा विवाद नवंबर 2020 का है, जब कोलकाता में एक राजनीतिक सभा में अभिषेक बनर्जी ने भाजपा के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के बेटे आकाश विजयवर्गीय को “गुंडा” कहा था।
इसी बयान के आधार पर—
2021 में आकाश विजयवर्गीय ने मानहानि का केस दर्ज कराया
1 मई 2021 से मामला भोपाल की MP-MLA कोर्ट में चल रहा है
अभिषेक बनर्जी लगातार पेशी में हाजिर नहीं हुए
इसी अनुपस्थिति के चलते कोर्ट ने 11 अगस्त और 26 अगस्त 2025 की तारीखों के लिए गिरफ्तारी वारंट जारी किया था।
हाई कोर्ट में वारंट को चुनौती
अभिषेक बनर्जी ने गिरफ्तारी वारंट को चुनौती देते हुए जबलपुर हाई कोर्ट में याचिका दायर की। उनके वकील ने तर्क दिया कि—
मीडिया ने बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया
यह केस अनुचित मानहानि मुकदमा है
वारंट जारी करना कानूनन उचित नहीं
दोनो पक्षों की बहस सुनने के बाद हाई कोर्ट ने अभिषेक बनर्जी के पक्ष में अंतरिम राहत देते हुए गिरफ्तारी पर रोक लगा दी।